तिल्दा नेवरा। धर्म, आस्था और भक्ति की त्रिवेणी इन दिनों तिल्दा के ऐतिहासिक बी.एन.बी. स्कूल (BNB School) के मैदान में पूरी भव्यता के साथ प्रवाहित हो रही है। स्वर्गीय श्री सोनचांद वर्मा स्मृति फाउंडेशन के तत्वाधान में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद् रामकथा के चतुर्थ दिवस पर आज भक्ति का ऐसा चरमोत्कर्ष देखने को मिला, जिसने तिल्दा को लघु अयोध्या और मिथिला नगरी में बदल दिया।
🌸 धनुष भंग और जयमाला: पुष्प वर्षा से जीवंत हुआ प्रसंग
कथा के चौथे दिन सुप्रसिद्ध कथा वाचक पूज्या दीदी देवी चंद्रकला जी ने अपनी ओजस्वी वाणी से विश्वामित्र के साथ राम-लक्ष्मण के मिथिला आगमन का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया। जैसे ही कथा में प्रभु श्री राम द्वारा शिव के ‘पिनाक’ धनुष के भंजन और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रसंग आया, पूरा पंडाल ‘जय श्री राम’ के उद्घोष से गूंज उठा।
विवाह उत्सव के दौरान जब राम-जानकी की जयमाला का दृश्य मंच पर जीवंत हुआ, तब आयोजन समिति द्वारा की गई अभूतपूर्व पुष्प वर्षा ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। ढोल-नगाड़ों और भक्तिमय भजनों की थाप पर श्रद्धालु अपनी सुध-बुध खोकर झूमने लगे।
💡 आध्यात्मिक बोध: “मर्यादा और समर्पण ही सुखी जीवन का आधार”
व्यासपीठ को नमन करते हुए पूज्या दीदी जी ने उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि:
“प्रभु श्री राम और माता सीता का विवाह केवल दो पात्रों का मिलन नहीं, बल्कि यह मर्यादा और शक्ति के संगम का प्रतीक है। आज के भौतिकवादी युग में जहाँ परिवार बिखर रहे हैं, वहाँ राम जी जैसा धैर्य और माता जानकी जैसा त्याग हर घर की आवश्यकता है। हमारी युवा पीढ़ी को पाश्चात्य चकाचौंध को छोड़ अपनी जड़ों और प्रभु के आदर्शों की ओर लौटना होगा।”
🤝 पुष्पराज वर्मा जी का सेवा संकल्प
इस भव्य धार्मिक अनुष्ठान के मुख्य संयोजक और फाउंडेशन के स्तंभ आदरणीय पुष्पराज वर्मा जी ने आयोजन की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने अत्यंत भावुक स्वर में कहा कि:
“मेरे पिता स्वर्गीय श्री सोनचांद वर्मा जी का जीवन सदैव परोपकार और भक्ति को समर्पित रहा। बी.एन.बी. स्कूल मैदान में आयोजित यह कथा उनकी पवित्र स्मृतियों को एक श्रद्धांजलि है। हमारा एकमात्र लक्ष्य समाज में समरसता लाना और लोगों को आध्यात्मिक ऊर्जा से जोड़ना है।”
वर्मा जी स्वयं सुबह से देर रात तक व्यवस्थाओं की कमान संभाले हुए हैं ताकि तिल्दा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
🎊 नगर में उत्सव का माहौल और भव्य झांकियां
बी.एन.बी. स्कूल परिसर को विशेष विद्युत सज्जा और फूलों से सजाया गया है। आयोजन समिति ने जानकारी दी कि आगामी दिनों में कथा के अन्य प्रसंगों के साथ-साथ भव्य झांकियों का प्रदर्शन भी किया जाएगा, जो आकर्षण का मुख्य केंद्र होंगी। आज की आरती में नगर के प्रतिष्ठित नागरिक, जनप्रतिनिधि और फाउंडेशन के सक्रिय सदस्यों ने हिस्सा लेकर क्षेत्र की सुख-शांति और खुशहाली की मंगल कामना की।
प्रमुख जानकारी एक नजर में
* आयोजन स्थल: बी.एन.बी. स्कूल (BNB School) मैदान, तिल्दा।
* आयोजक: स्वर्गीय श्री सोनचांद वर्मा स्मृति फाउंडेशन।
* मुख्य आकर्षण: संगीतमय रामकथा एवं सजीव झांकियां।
* विशेष उपस्थिति: नगर एवं क्षेत्र की भारी जनशक्ति।
तिल्दा के बी.एन.बी. स्कूल मैदान में उतरा मिथिला का वैभव: राम-जानकी विवाह उत्सव में झूमे हजारों श्रद्धालु

