रायपुर। लगातार बढ़ रहे लीवर और किडनी रोगियों की संख्या को देखते हुए उर्मिला फाउंडेशन द्वारा उर्मिला हॉस्पिटल भाटागांव रायपुर में निशुल्क फाइब्रो स्कैन जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर अपने स्वास्थ्य की जांच कराई।
इस दौरान कुल 144 लोगों की लीवर जांच की गई, जबकि गंभीर स्थिति वाले 38 मरीजों का फाइब्रो स्कैन करने के साथ उनका उपचार भी शुरू किया गया। शिविर में विशेषज्ञ डॉक्टरों ने मरीजों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी।
कम उम्र के लोग भी बन रहे गंभीर बीमारी का शिकार
शिविर के दौरान डॉ विनोद सिंह ने मरीजों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में किडनी और लीवर से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। सबसे चिंता की बात यह है कि अब कम आयु के लोग भी इन गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि अनियमित खानपान, अत्यधिक शराब सेवन और बिना डॉक्टर की सलाह के दवाइयों का इस्तेमाल शरीर के लिए बेहद नुकसानदायक साबित हो रहा है। कई बार लोग छोटी समस्याओं में भी मनमर्जी से दवा ले लेते हैं, जिसका सीधा असर किडनी और लीवर पर पड़ता है।
शुरुआती लक्षण नहीं दिखते, इसलिए बढ़ जाता है खतरा
डॉ सिंह ने कहा कि किडनी रोग की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि शुरुआती दौर में इसके लक्षण स्पष्ट नजर नहीं आते। जब तक बीमारी की जानकारी होती है, तब तक स्थिति गंभीर हो चुकी होती है।
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि नियमित जांच और संतुलित जीवनशैली अपनाकर इस बीमारी से काफी हद तक बचा जा सकता है। समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराना बेहद जरूरी है ताकि बीमारी को शुरुआती अवस्था में ही नियंत्रित किया जा सके।
स्वस्थ जीवन के लिए जागरूकता सबसे जरूरी
शिविर में मौजूद लोगों को डॉक्टरों ने खानपान सुधारने, पर्याप्त पानी पीने, नशे से दूर रहने और नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी। विशेषज्ञों ने कहा कि थोड़ी सी सतर्कता भविष्य में गंभीर बीमारी से बचा सकती है।

