भोपालपटनम।बीजापुर जिले में बेरोजगारी की समस्या बढ़ती ही जा रही है।रोजगार की तलाश में पड़ोसी राज्यों में जाने वाले स्त्री-पुरुष और किशोर-किशोरियाँ आर्थिक,शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना तथा शोषण के शिकार हो रहे हैं।हाल ही में तेलंगाना के मुलुगु में बीजापुर जिले की किशोरी के साथ भाजपा पदाधिकारी द्वारा अंजाम दी गयी बलात्कार की घटना ने, न केवल एक विशेष राजनैतिक दल के चरित्र को उजागर किया है,बल्कि बीजापुर जिले के गरीब-मजदूरों की वास्तविक स्थिति की भी पोल खोल दी है।छत्तीसगढ़ की साय सरकार को ‘सुशासन-तिहार’ मनाने से पहले इन गंभीर समस्याओं के समाधान पर चिंतन करना चाहिए।यह शर्मनाक घटना उन सबके लिये एक बड़ा सबक है,जो गरीबों के विकास और हितों के संरक्षण का दंभ भरते हैं।यह कहना है,पूर्व जिला पंचायत सदस्य बसंत ताटी का।
ताटी ने बीजापुर जिले के मजदूरों के पलायन पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए जिले में विभिन्न विकास योजनाओं के जरिये मजदूरों और अन्य बेरोजगारों के लिये रोजगार के अवसर सृजित करने की जरूरत बतायी।
बसंत ताटी के अनुसार बीजापुर जिले में सरकार की अतिमहत्वपूर्ण महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना और सरकार की अन्य सभी योजनाओं के अंतर्गत चलने वाले रोजगार केन्द्रित कार्य बंद हैं।इस वज़ह से रोजगार की तलाश में पड़ोसी राज्यों में जाने वाली खासतौर से छत्तीसगढ़ की बेटियाँ अन्य राज्यों में सुरक्षित नहीं हैं,यह हाल की घटना से साबित हो गया है। पड़ोसी राज्य तेलंगाना और महाराष्ट्र से आने वाले साहूकार रोजगार का प्रलोभन देकर इस प्रदेश के मजदूरों को अपने साथ ले जाते हैं।फिर वहाँ से उनके साथ अत्याचार और शोषण की दिल दहलाने वाली खबरें आती हैं।इसके बावजूद ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का नारा देने वाली छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार का मौन समझ से परे है।
ताटी ने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तुरंत बाद प्रदेश भर के ग्राम पंचायत सचिव अपनी एक सूत्रीय माँग को लेकर हड़ताल पर होने की वजह से भी ग्राम पंचायत के अंतर्गत चलने वाले सभी कार्य ठप्प हैं, जिसका सीधा असर रोजी-रोटी कमाने वाले गरीब मजदूर परिवारों पर पड़़ रहा है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य ताटी ने सचिवों की एक सूत्रीय माँग को जायज ठहराते हुए इसे तत्काल पूरा करने का आग्रह सरकार से किया है।
बेरोजगारों के लिये रोजगार के अवसर सृजित करें सरकार – बसंत ताटी

