ठोस कार्ययोजना के उचित क्रियान्वयन से मिली कामयाबी

फीफा विश्वकप (पुरुष) 2026,सफल आयोजन की सच्चाई
आलेख … जसवंत क्लॉडियस, वरिष्ठ स्वतंत्र खेल पत्रकार, टीवी कमेंटेटर, रायपुर, छ .ग .

खेल स्पर्धाओं के आयोजन को शाबासी तब दी जाती है जब पूरे टूर्नामेंट के दौरान आवास, परिवहन, भोजन और मुकाबला सब कुछ व्यवस्थित अनुशासित ढंग से संपन्न होता है। पुरुषों की फीफा विश्वकप 2026 के आयोजन का जिम्मा जब इतिहास में पहली बार उत्तरी अमेरिका महाद्वीप के तीन देशों संयुक्त राज्य अमेरिका,कनाडा व मैक्सिको को सौंपी गई तो आयोजनकर्ताओं पर बड़ी चुनौती आ गई। बहुखेल प्रतियोगिता में सबसे प्रमुख आधुनिक ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेल है। इसमें 200 से अधिक देश भाग लेते हैं तथा अब 31 कोर गेम्स के अलावा अधिकतम चार और खेलों को शामिल करने की स्वीकृति अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक परिषद दे सकती है। इसी तरह राष्ट्रमंडल खेलों में 70 से अधिक देश इसके अलावा महाद्वीपीय चैंपियनशिप में एशिया, यूरोप, अफ्रीका के 50-50 से अधिक देशों के खिलाड़ी भाग लेते हैं। इन स्पर्धाओं में आम तौर पर 30 से अधिक खेलों के करीब 320 इवेंट होते हैं। जिसमें खिलाड़ियों की संख्या 8 हजार से 12 हजार तक हो सकती है। उपरोक्त बहुखेल टूर्नामेंट में निर्णायकों, विभिन्न देशों के खेल संगठनों के प्रतिनिधियों, प्रशिक्षकों, अतिथियों आदि को मिलाकर लगभग 20 हजार विशिष्टजनों के ठहरने, खान-पान, आने जाने आदि की व्यवस्था आयोजन समिति को करना होता है। बहुखेल चैंपियनशिप और फीफा विश्वकप 2026 के आयोजन में विशेष अंतर यह था कि आम तौर पर बहुखेल स्पर्धा किसी एक देश में होती है जबकि फुटबाल विश्वकप तीन देशों में हुआ। उसमें मान्यता प्राप्त 206 में से 48 टीम ने मुख्य प्रतियोगिता हेतु योग्यता हासिल किया . आयोजक 16 शहरों के आयोजन स्थल में संयुक्त राज्य अमेरिका के 11 कनाडा के 02 तथा मैक्सिको के 03 शहर में मैच खेले गये। तीन अलग-अलग जगह पर मुकाबले होने के कारण खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, प्रशिक्षक दल के सदस्यों, निर्णायकों , खेल संघ के पदाधिकारियों, तकनीकी अधिकारियों, आदि अतिथियों को इस देश से उस देश, उस देश से इस देश तक फिर एक स्टेडियम से दूसरे स्टेडियम तक लाना ले जाना पड़ता था । इस प्रकार पहले चक्र के देशों के खिलाड़ियों व टीम से जुड़े हुए सदस्यों की पूरी व्यवस्था, तत्पश्चात आरंभिक चरण,बाद ने राउंड ऑफ 32,16,
क्वार्टरफायनल,सेमीफायनल और फायनल तक टीम के आवागमन, संचार और देशों के हिसाब से भोजन व्यवस्था करना एवरेस्ट फतह कर लेने से कम नहीं था। विश्वकप 2026 की समाप्ति के बाद व्यवस्था के संबंध में अब तक किसी तरह की गंभीर शिकायत फुटबाल के विश्व स्तर पर सुचारु रूप से संचालन के लिए जिम्मेदार संस्था फीफा को नहीं की गई है। सचमुच आयोजनकर्ताओं के लिए यह एक सुखद और सपने को पूरा होने जैसी खबर है।इसके अलावा पूरे जगत में कही भी 50 से अधिक देशों की होने वाली प्रतियोगिता के आयोजनकर्ताओं के लिए सीखने, जानने, समझने लायक उदाहरण है। फीफा विश्वकप 2026 की सफलता के पीछे की जानकारी गत दिनों फीफा द्वारा सार्वजनिक की गई है। 48 देशों के 1248 खिलाड़ियों की देखरेख और स्टेडियम में सभी 104 मैच को देखने वाले 68 लाख दर्शकों को व्यवस्थित ढंग से स्टेडियम में उनकी जगह तक पहुंचाना, टिकट में अंकित नम्बर के अनुसार सही स्थान पर बैठाना जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी थी . पूर्व निर्णय और कई बार अभ्यास के अनुसार प्रतियोगिता को संपन्न कराने के लिए पूरे नार्थ अमेरिका महाद्वीप के 645 चुने हुए अधिकारिक स्थानों में करीब तीन लाख स्वीकृत व्यक्तियों ने खुले मन से उच्च स्तरीय सहयोग प्रदान किया। 39 दिनों तक चले 104 मैच वाले इस चैंपियनशिप के लिए फीफा के 2500 व्यक्तियों का कार्यबल,दुनिया भर से चुने और प्रशिक्षित 43000 स्वयं सेवक, 73700 स्वीकृत व्यक्तियों के सुरक्षा दल की मदद ली गई। तीन देशों के 16 शहर में 48 बैस कैंप बनाये गये थे। इसके अलावा सभी स्टेडियम विश्व स्तरीय तैयार किए गये थे जिसमें सर्व सुविधा के साथ अत्याधुनिक सुरक्षा व्यवस्था सम्मिलित थी। सीधे प्रसारण के लिए डलास शहर में मीडिया सिटी बनाई गई थी। प्रोडक्शन के लिए 5000 कैमरा लगाये गये थे। इस तरह स्पष्ट है कि किसी अंतर्राष्ट्रीय आयोजन को पूर्णतः सफल बनाने के लिए समय पूर्व कार्य योजना बनाई गई। जिसकी तैयारी अभूतपूर्व ढंग से की गई इसी वजह से फीफा का यह आयोजन बिना किसी व्यवधान के पूर्ण हुआ।

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