आने वाली पीढ़ी के खिलाडिय़ों के लिए होंगे आदर्श

फुटबाल के महान खिलाड़ी – लियोनल मैसी ने ली खेल से विदाई
जसवंत कुमार क्लॉडियस,वरिष्ठ स्वतंत्र खेल पत्रकार, टीवी कमेंटेटर, रायपुर, छ ग

दक्षिण अमेरिका महाद्वीप में शामिल 12 देशों में से एक अर्जेंटीना है। दक्षिण अमेरिका के सभी देशों में फुटबाल एक लोकप्रिय खेल है। अब तक हुए 23 फीफा विश्वकप में से 10 में दक्षिण अमेरिका महाद्वीप की तीन टीम ब्राजील, अर्जेंटीना व उरुग्वे विजयी रही है है। इसमें से ब्राजील ने पांच बार,(1958,1962,1970,1994) अर्जेंटीना ने 3 बार जबकि उरुग्वे ने 2 बार (1930,1950) में जीता है। अर्जेंटीना ने 1978, 86,20 22 में यह खिताब जीता है। अर्जेंटीना की ओर से सर्वाधिक लोकप्रिय खिलाडिय़ों में लियोनल मैसी जाने जाते हैं। उनकी कप्तानी में 2022 में अर्जेंटीना ने फीफा विश्वकप पर कब्जा जमाया, जबकि 2014 ,2026 में उप विजेता रही। लगभग 5 करोड़ की आबादी वाला अजेंटीना देश 1930, 1990 में भी उपविजेता रही थी। कीर्तिमान पर नजर डालने से स्पष्ट है कि लियोनल मैसी के टीम में रहते हुए 2006 से 2026 तक अर्जेंटीना की टीम एक बार विजेता और दो बार उपविजेता रही। हालांकि बहु खिलाड़ी वाले खेल में जीत का श्रेय किसी एक सदस्य को नहीं दिया जाता परंतु लियोनल मैसी के प्रदर्शन पर ध्यान देने से इस बात की पुष्टि हो जाती है। 24 जून 1987 को अर्जेंटीना के रोसारियो में जन्म लेकर आर्थिक पिछड़ेपन के शिकार होते हुए भी उन्होंने फुटबाल को अपना जीवन समर्पित कर दिया। 5 फुट 7 इंट ऊंचे, फारवर्ड की पोजीशन से खेलने वाले मैसी ने सिर्फ 16 वर्ष की उम्र में 2003-2004 से फुटबाल क्लब से जुड़कर निरंतर फुटबाल मैच में भाग लेना शुरू किया और 2004-05 में पहली बार अर्जेंटीना की अंडर-20 टीम के लिए चुने गये फिर उन्होंने पीछे मुड़ कर देखने से अच्छा आगे देखना पसंद किया और 2005 से 2026 तक अर्जेंटीना की सीनियर टीम के सदस्य रहे। इस दौरान मैसी ने अपने देश के लिए 207 मैच खेलकर 125 गोल दागे। फुटबाल जैसे तेज खेल में 21 वर्ष तक लगातार मैदान में अपने देश की टीम में शामिल रहना सचमुच असाधारण उपलब्धि है। एक फुटबाल मैच में हार जीत के लिए फारवर्ड खिलाड़ी की भूमिका निर्णायक होती है। सबसे बड़ी बात उसे शारीरिक रूप से चुस्त-दुरुस्त (फिट) होना चाहिए। फारवर्ड खिलाड़ी में दमखम(स्टेमिना) का होना बहुत जरूरी है। मैसी को इन दोनों ही मामले में ईश्वर का वरदान प्राप्त था। ऐसा कभी नहीं हुआ कि वे किसी अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धा में स्वास्थ्य में गिरावट की वजह से भाग नहीं ले सके। एक फुटबाल मैदान की औसतन लंबाई 100 मीटर तथा चौड़ाई 75 मीटर तक होती है। निर्धारित समय 90 मिनट तक फुटबाल खिलाड़ी द्वारा गेंद को गोल पोस्ट डालने के लिए लगातार दौडऩा-भागना पड़ता है। अनुमानत: एक फुटबाल खिलाड़ी को प्रत्येक मैच में करीब 15 से 25 किलोमीटर तक दौड़ लगानी पड़ती है। मैसी ने 207 मैच विश्वकप के अलावा पूरे जीवनकाल में करीब 840 मैच खेला है जिसमें वे अपने प्रतिद्वंद्वी पर 717 गोल दागने में सफल हुए .स्पष्ट है इस दृष्टि से लियोनल मैसी ने एक मैच में कम से कम 15 किमी की दौड़ लगाई तो अपने जीवनकाल में फुटबाल मैदान में मैच में लगभग 12600 किमी की दौड़ लगाई। ऐसे महान खिलाड़ी ने विगत दिनों फुटबाल से दूरी बना ली।ताकि उभरती हुई अन्य प्रतिभा को अवसर मिल सके . मैसी के पिछले 22 वर्षों के प्रदर्शन को देखते हुए ईएसपीएन ने 2024 में उन्हें 21वीं सदी का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना। 2025 में उन्हें आईएफएफएसएच द्वारा दुनिया का सर्वश्रेष्ठ पुरुष खिलाड़ी चुना गया। मैसी को फीफा द्वारा आठ बार दुनिया का बेहतरीन खिलाड़ी भी घोषित किया गया। फुटबाल के फारवर्ड खिलाड़ी को मैच के दौरान खेल मैदान में चौकन्ना होना पड़ता है। अत: उसे मानसिक रूप से स्वस्थ होना जरूरी है। साथ ही विपक्षी टीम की रणनीति और उसको तुरंत असफल करने का निर्णय लेने की दो क्षमता ने मैसी को महान फुटबॉलर बनाया। गोल के करीब जाकर अंतिम किक पर गेंद को गोलपोस्ट में डालने की अद्भुत कला में वे माहिर थे। ऐसे महान खिलाड़ी का खेल से सन्यास लेना एक बड़ी कमी है जिसे भरने के लिए फुटबाल खिलाडिय़ों को ना जाने कितना समय लगेगा. मैसी की जीवनी पढ़कर हम निश्चित रूप से कह सकते हैं कि सिर्फ फुटबाल ही नहीं प्रत्येक खेल के खिलाडिय़ों के लिए लियानेल मैसी आदर्श बने रहेंगे।

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