भोपालपटनम! पूर्व जिला पंचायत सदस्य बसंत राव ताटी ने कहा कि बे मौसम हुई बारिश मे चिंतावागु नदी किनारे फड़ो मे सुखाये गए तेंदूपत्ता की हजारों गड्डियां पानी में बह जाने से शासन को लाखों रुपया का नुकसान हुआ है। मौसम विभाग द्वारा अलर्ट जारी करने के बावजूद भी वन विभाग की लापरवाही के कारण सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं करने की वजह से शासन को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है। ताटी ने सवाल खड़ा करते हुए कहा कि नदी किनारे बसे ग्राम पोषडपल्ली,करकावाया,बामनपुर एवं गोरगुण्डा के फड़ो में सुखाए गए तेंदूपत्ता की हजारों गड्डियां पानी में बह जाने से शासन को लाखों रुपए का जो नुकसान हुआ है अब इसकी भरपाई कैसे और कौन करेगा? पूर्व जिला पंचायत सदस्य का कहना है कि इस वर्ष प्रदेश सरकार ने ठेकेदारी प्रथा पर पूर्ण प्रतिबंध लगाते हुए तेंदूपत्ता संग्रहण करने की जिम्मेदारी वन विभाग को सौंपी है लेकिन संबंधित विभाग द्वारा इस कार्य में रुचि नहीं लेने के कारण तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य में लगे श्रमिकों को बड़े पैमाने पर आर्थिक छति होने से साय सरकार की इस नयी नीति का तेंदुपत्ता श्रमिकों पर विपरीत असर पड़ा है उन्होंने ने कहा कि जिले के गरीब आदिवासीयों का वनोपज ही एक मात्र प्रमुख आय का स्रोत होता है लेकिन इन अधिकारियो को वनोपज संग्रहण कार्य मे किसी प्रकार की कोई रूचि नहीं है इनका पूरा ध्यान निर्माण कार्यों पर केंद्रित होता है ताकि इन कार्यों मे भ्रष्टाचार को अंजाम देते हुए मोटी रकम कमाई जा सके।
तेंदुपत्ता का पानी मे बह जाना वन विभाग की घोर लापरवाही का परिणाम:ताटी

