तीन माह में नशे की तस्करी में प्रयुक्त वाहनों के राजसातीकरण और नीलामी की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश
रायपुर। उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने प्रदेश में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कार्रवाई केवल छोटे विक्रेताओं और पैडलरों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि बड़े तस्करों, वित्तीय सहयोगियों और संगठित गिरोहों की पहचान कर पूरे नेटवर्क को समाप्त किया जाए।
शर्मा बुधवार को नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में मादक पदार्थों की रोकथाम एवं नियंत्रण को लेकर आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने जिलावार एनडीपीएस एक्ट के प्रकरणों, मादक पदार्थों की जब्ती, संपत्ति कुर्की, वाहनों के राजसातीकरण और जब्त पदार्थों के नष्टीकरण की समीक्षा की।
उन्होंने गांजा सहित अन्य मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में उत्पादन से लेकर अंतिम बिक्री तक की पूरी सप्लाई चेन की जांच करने को कहा। अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन की जांच के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट तथा वित्तीय एवं विधिक विशेषज्ञों की विशेष समिति गठित करने के निर्देश दिए।
सूखे नशे और नशीली दवाओं की अवैध बिक्री रोकने के लिए मेडिकल स्टोरों की नियमित जांच होगी। स्कूल-कॉलेजों के आसपास प्रतिबंधित दवाओं, नशीले कैप्सूल, सिरिंज और नीडल की अवैध बिक्री पर निगरानी बढ़ाई जाएगी।
गृह मंत्री ने तस्करी में इस्तेमाल वाहनों के राजसातीकरण और नीलामी की प्रक्रिया आगामी तीन माह में तेज करने को कहा। साथ ही 30 जून 2026 तक जब्त और विधिक प्रक्रिया पूरी कर चुके छह माह से अधिक पुराने मादक पदार्थों का नष्टीकरण 31 दिसंबर 2026 तक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने एनडीपीएस मामलों में गुणवत्तापूर्ण जांच, प्रभावी अभियोजन और शीघ्र सुनवाई पर जोर दिया। नशे के अवैध कारोबार की सूचना देने के लिए राष्ट्रीय मादक पदार्थ निषेध हेल्पलाइन ‘मानस’ के टोल फ्री नंबर 1933 का प्रचार-प्रसार करने तथा युवाओं को जागरूकता अभियान से जोड़ने के निर्देश भी दिए।

