नई दिल्ली,20 दिसंबर। देश की समुद्री सीमाओं और बंदरगाहों की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार ने एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। हम आपको बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में शुक्रवार को एक उच्चस्तरीय बैठक में ब्यूरो ऑफ पोर्ट सिक्योरिटी के गठन की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने पर सहमति बनी। यह नया ब्यूरो देशभर में जहाजों और बंदरगाह परिसरों की सुरक्षा से जुड़े नियमन और निगरानी का शीर्ष निकाय होगा।
इस बैठक में बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय तथा नागरिक उड्डयन मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री भी उपस्थित रहे। गृह मंत्री ने देशभर में एक मज़बूत, समन्वित और आधुनिक पोर्ट सुरक्षा ढांचा खड़ा करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि सुरक्षा उपायों को ग्रेडेड और जोखिम-आधारित तरीके से लागू किया जाए, ताकि प्रत्येक बंदरगाह की संवेदनशीलता, व्यापारिक क्षमता, भौगोलिक स्थिति और अन्य प्रासंगिक कारकों को ध्यान में रखा जा सके। सबसे अहम पहलू है साइबर सुरक्षा। आज एक की-बोर्ड से पूरे पोर्ट को ठप किया जा सकता है। कंटेनर मूवमेंट, शिप ट्रैकिंग, कस्टम्स डेटा, सब कुछ डिजिटल है और उतना ही असुरक्षित भी। इसलिए यहाँ तकनीकी विशेषज्ञता, रियल-टाइम इंटेलिजेंस और अंतरराष्ट्रीय सहयोग, तीनों की सख्त ज़रूरत है। बहरहाल, समुद्र शांत दिखता है, लेकिन खतरे उसकी गहराइयों में पलते हैं। अब वक्त है कि भारत सिर्फ़ लंगर डाले नहीं, बल्कि कड़ा और आधुनिक पहरा भी दे।
समुद्र की चौखट पर पहरा बढ़ायेगा भारत: शाह

