अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया बोईंग 787 ड्रीमलाइनर विमान हादसे की जांच जारी है वहीं हादसे वाली जगह से कई कीमती वस्तुएं भी बरामद हुई हैं जिनमें सोना, कैश समेत अन्य सामान शामिल हैं। हादसे की जगह से भगवद् गीता भी मिली जिसे आग से कोई नुकसान नहीं हुआ था। अहमदाबाद से लंदन जा रहा यह विमान 12 जून को टेक ऑफ के तुरंत बाद क्रैश हो गया था। विमान में सवार एक यात्री को छोड़कर बाकी सभी यात्रियों और क्रू मेंम्बर्स की मौत हो गई थी।
एयर इंडिया को यह विमान बीजे मेडिकल कॉलेज की मेस पर जा गिरा था। जिस वक्त विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ उस समय छात्र दोपहर का भोजन कर रहे थे। मेस की बिल्डिंग से विमान के टकराते ही वहां भीषण आग लग गई थी। वहां आसपास मौजूद जो लोग सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचे वह 56 साल के राजू पटेल भी थे। हादसे के पांच मिनट के अंदर वह घटनास्थल पर पहुंच गए और राहत बचाव में स्थानीय लोगों के साथ जुट गए। राजू पटेल ने बताया कि आग की भयावहता के चलते पहले 15-20 मिनट में हम हादसे की जगह पर पहुंचने में सफल नहीं हो सके।
70 तोला सोना, 8 हजार कैश
उन्होंने कहा कि इमरजेंसी सर्विसेज के पहुंचने के बाद और आग की लपटें कम होने के बाद ही हम घटनास्थल के करीब पहुंच सके। उन्होंने बताया कि शुरुआत में स्ट्रेचर भी नहीं पहुंच पाया था तो साड़ी या चादर में लपेट कर घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। राजू और उनकी टीम रात के 9 बजे तक घटनास्थल पर रही। पटेल ने कहा, ” जैसे ही पहली फायर ब्रिगेड और 108 एंबुलेंस पहुंची, हम मदद के लिए आगे बढ़े। हमसे जो भी बन पड़ा हमने किया।” विमान के मलबे के बीच यात्रियों को सामान भी बिखरे हुए थे। राजू और उनकी टीम सामान की तलाश में जुट गई। इस दौरान उन्हें 70 तोले (800 ग्राम से अधिक) सोने के आभूषण, 80,000 रुपये कैश, पासपोर्ट और एक भगवद गीता मिली। इन सभी सामानों को उन्होंने पुलिस को सौंप दिया।

