नवाचार और तकनीक के दम पर एआई महाशक्ति बनने की ओर बढ़ रहा भारत : केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल

नई दिल्ली।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि भारत दुनिया के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि देश की युवा आबादी, सस्ता डेटा, बढ़ती तकनीकी क्षमताएं और समावेशी विकास का दृष्टिकोण भारत को वैश्विक तकनीकी क्रांति में अग्रणी स्थान पर पहुंचा रहा है।
विवा टेक 2026 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के दौर में भारत की भूमिका पर बोलते हुए गोयल ने कहा कि भारत के पास कई ऐसी प्राकृतिक ताकतें हैं, जो उसे वैश्विक तकनीकी अंतर को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने योग्य बनाती हैं। उन्होंने कहा कि भारत कई देशों की तुलना में तकनीक को अधिक तेजी और प्रभावी ढंग से अपनाता है तथा एआई को खतरे के बजाय विकास का माध्यम मानता है।

गोयल ने कहा, “भारत दुनिया के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है। हमारी युवा और प्रतिभाशाली आबादी, सस्ता डेटा, बढ़ती क्षमताएं और साझा विकास का दृष्टिकोण हमें तकनीकी विकास की अग्रिम पंक्ति में खड़ा करता है।” केंद्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि एआई कभी भी मानव बुद्धिमत्ता, मानवीय मूल्यों, संस्कृति और परंपराओं का स्थान नहीं ले सकता।

उन्होंने कहा कि भारत की जनसांख्यिकीय शक्ति उसकी सबसे बड़ी ताकतों में से एक है। देश की औसत आयु 30 वर्ष से कम है, जो उसे अन्य देशों की तुलना में विशेष बढ़त देती है।

गोयल ने कहा, “हमारे पास युवा आबादी है और यह बहुत महत्वपूर्ण है। हमारी औसत आयु 30 वर्ष से कम है। हम दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था हैं। इससे आर्थिक गतिविधियां बढ़ती हैं और नवाचार को गति मिलती है।” उन्होंने आगे कहा, “हमारे पास 1.4 अरब लोगों का विशाल बाजार है, जो मांग पैदा करता है और हमें बड़े पैमाने की अर्थव्यवस्था का लाभ देता है।”

मंत्री ने कहा कि भारत के पास डेटा सेंटरों और कंप्यूटिंग ढांचे की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त बिजली संसाधन उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा, “भारत में डेटा की लागत अन्य देशों की तुलना में बहुत कम है। हमारे पास डेटा सेंटरों, कंप्यूटिंग क्षमता और अन्य तकनीकी जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध है।”

गोयल ने यह भी कहा कि भारत दुनिया में विज्ञान, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सबसे अधिक संख्या में स्नातक तैयार करता है। उन्होंने कहा, “हम दुनिया में सबसे अधिक एसटीईएम (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) स्नातक तैयार करते हैं, जो तकनीकी क्षेत्र की रीढ़ हैं।”

एआई के कारण रोजगार पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर उठ रही चिंताओं पर गोयल ने कहा कि तकनीकी प्रगति मानवों की भूमिका को खत्म नहीं करेगी, बल्कि नए अवसर और नए करियर विकल्प पैदा करेगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में एआई और मानव बुद्धिमत्ता मिलकर विकास और नवाचार को नई दिशा देंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *