उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी वर्षा और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने सोमवार को चारधाम यात्रा का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया है। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह एहतियाती निर्णय लिया गया है।
गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप ने चारधाम यात्रा से जुड़े सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मार्ग पर मौजूद तीर्थयात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराया जाए और मार्ग पूरी तरह सुरक्षित होने के बाद ही आगे की यात्रा की अनुमति दी जाए। उन्होंने तीर्थयात्रियों और आम लोगों को समय पर आधिकारिक जानकारी लेने की अपील की है ताकि कोई अफवाह न फैले। प्रशासन का कहना है कि यह फैसला मौजूदा प्रतिकूल मौसम और यात्रा मार्गों पर सुरक्षा जोखिम को देखते हुए लिया गया है। परिस्थितियां सामान्य होने पर यात्रा फिर से शुरू की जाएगी।
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने राज्य के कई जिलों में भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। देहरादून, टिहरी और हरिद्वार जिलों में कहीं-कहीं बहुत भारी तथा कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा होने की संभावना है। राज्य के अन्य हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है।
पिछले 24 घंटों में राज्य के कई इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई। शामा में 220 मिमी, कपकोट में 97 मिमी, बंगापानी में 92 मिमी और लोहारखेत में 91 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। देहरादून में दिनभर बादल छाए रहने और मध्यम से भारी बारिश के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है। अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा न करने और सतर्क रहने की अपील की है। चारधाम यात्रा कब तक सामान्य होगी, इसकी जानकारी जल्द जारी किए जाने की उम्मीद है।

