केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोमवार को नई दिल्ली के खान मार्केट स्थित लोकनायक भवन में पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (डीओपीपीडब्ल्यू) का दौरा कर विशेष स्वच्छता अभियान 6 के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि स्वच्छता को एक बार होने वाली गतिविधि के बजाय दैनिक कार्य संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनाया जाना चाहिए। इस दौरान उन्होंने नागरिक-केंद्रित पेंशन प्रशासन और पेंशनभोगियों के लिए जीवनयापन में सुगमता बढ़ाने की सरकार की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने अधिकारियों और कर्मचारियों में पढ़ने, ज्ञान साझा करने तथा निरंतर सीखने की प्रवृत्ति को बढ़ावा देने के लिए डीओपीपीडब्ल्यू के पुनः आवंटित स्थान पर नवनिर्मित पुस्तकालय और वाचनालय का उद्घाटन किया। उन्होंने स्वच्छता अभियान में कर्मचारियों और आगंतुकों की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से स्वच्छता थीम पर आधारित सेल्फी प्वाइंट का भी उद्घाटन किया। अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि स्वच्छता निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। इसके लिए कार्यालयों का नियमित रखरखाव, कचरे का समय पर निपटान और इलेक्ट्रॉनिक कचरे का जिम्मेदारीपूर्वक प्रबंधन जरूरी है। उन्होंने विभाग से विशेष अभियान के तहत हासिल उपलब्धियों को बनाए रखने और पूरे वर्ष स्वच्छता संबंधी गतिविधियों की गति जारी रखने का आग्रह किया।
कबाड़ संग्रह केंद्र के दौरे के दौरान डॉ. जितेंद्र सिंह ने अभियान के तहत एकत्र किए गए इलेक्ट्रॉनिक कचरे सहित अन्य कबाड़ के संग्रह, पृथक्करण और निपटान की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने अनुपयोगी सामग्री हटाने, कार्यालय में उपलब्ध स्थान का बेहतर उपयोग करने और कचरे के जिम्मेदारीपूर्वक निपटान को बढ़ावा देने के विभाग के प्रयासों की सराहना की।
सफाई कर्मचारियों को किया सम्मानित
लोकनायक भवन की स्वच्छता और रखरखाव में योगदान देने वाले सफाई कर्मचारियों को डॉ. जितेंद्र सिंह ने सम्मानित किया। उन्होंने कर्मचारियों को पर्यावरण अनुकूल बैग और स्वच्छता किट प्रदान किए तथा स्वच्छ कार्य वातावरण बनाए रखने में उनके योगदान की सराहना की।
सार्वजनिक स्थलों तक स्वच्छता का संदेश पहुंचाने पर जोर
मंत्री ने स्वच्छता का संदेश सरकारी कार्यालयों से आगे बढ़ाकर व्यस्त सार्वजनिक स्थलों, विशेष रूप से भीड़भाड़ वाले बाजार क्षेत्रों तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने इसके लिए नई दिल्ली नगरपालिका परिषद सहित स्थानीय निकायों के साथ समन्वय पर जोर दिया और स्वच्छता को साझा नागरिक जिम्मेदारी बनाने के लिए सामूहिक भागीदारी बढ़ाने की बात कही।

