नई दिल्ली,10 जुलाई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे 119 जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SPs) की एक बैठक की अध्यक्षता की। सीमा सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए लागू किए जा रहे उपायों की समीक्षा करते हुए शाह ने कहा कि सरकार देश को घुसपैठ-मुक्त बनाने के लिए एक मजबूत व्यवस्था तैयार कर रही है। उन्होंने कॉन्फ्रेंस में कहा कि असामान्य कारणों से होने वाली आबादी की बढ़ोतरी की पहचान करने और भविष्य में इसे रोकने के उपाय सुझाने के लिए डेमोग्राफिक मिशन शुरू किया गया है। मोदी सरकार का संकल्प है कि आबादी में असामान्य कारणों से होने वाली बढ़ोतरी को रोका जाए। शाह ने कहा कि कॉन्फ्रेंस में सीमा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी, मौजूदा चुनौतियों के समाधान तलाशे जाएंगे और सही नीतिगत उपाय तैयार किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में, हम तटीय सीमा सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में समग्र रूप से आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार सीमा की सुरक्षा करने वाले बलों, राज्य और ज़िला प्रशासन, भारत सरकार के संबंधित अधिकारियों और स्थानीय नागरिकों को एक साथ लाकर एक मज़बूत चौतरफ़ा सुरक्षा ग्रिड बना रही है। उन्होंने आगे कहा कि ‘स्मार्ट बॉर्डर’ के विज़न पर आधारित भारत का सीमा सुरक्षा सिस्टम दुनिया का सबसे आधुनिक सिस्टम बन जाएगा। उन्होंने कहा कि सुरक्षित सीमा, समृद्ध सीमावर्ती इलाके और सतर्क समाज मिलकर देश की सुरक्षा और तरक्की सुनिश्चित कर सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर में नक्सलवाद और आतंकवाद से मुक्ति मिली है, जो हमारी सामूहिक सफलता का संकेत है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार नशीले पदार्थों की समस्या पर कड़ा प्रहार करेगी और अगले तीन वर्षों में उस पर जीत हासिल करेगी। पिछली सरकारों के कामकाज का ज़िक्र करते हुए शाह ने कहा कि पहले समस्याएँ तो स्थायी बनी रहती थीं, लेकिन उनके समाधान अस्थायी होते थे। उन्होंने कहा कि लेकिन अब मोदी सरकार में हम समस्याओं की जड़ पर प्रहार कर रहे हैं और समाधानों को स्थायी बना रहे हैं।
मोदी सरकार ने सीमा पर बुनियादी ढाँचे को 400 प्रतिशत तक बढ़ाया है। इस अवसर पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और बंडी संजय कुमार, केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के निदेशक महेश दीक्षित, सीमावर्ती राज्यों के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तथा कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

