तीन महाद्वीप की आठ टीम विश्व विजेता बनने की राह पर

फीफा विश्वकप का 23वां संस्करण : 2026, अब क्वार्टर फायनल का दौर आरंभ
आलेख.. जसवंत क्लॉडियस, वरिष्ठ स्वतंत्र खेल पत्रकार, टी वी कमेंटेटर, रायपुर, छ ग

आज की परिस्थिति में खेल के भविष्य को तय करने का जिम्मा खेल संघों का है। इस दृष्टि से इंटरनेशनल ओलंपिक कौंसिल याने आईओसी के पदाधिकारी आधुनिक ओलंपिक खेलों को संसार के सभी देशों में जिस तरह लोकप्रिय बनाने के लिए प्रयासरत हैं ठीक उसी तरह फुटबाल की विश्वव्यापी संस्था फीफा भी जिसे इंटरनेशनल फेडरेशन आफ एसोसिएशन फुटबाल कहते हैं उससे जुड़े समस्त पदाधिकारी फुटबाल खेल को दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत हैं। फुटबाल के शुभचिंतकों की यह कोशिश पूरी तरह सफल होती दिखाई दे रही है। मात्रा 05 लाख की आबादी वाला देश केप वर्डे के खिलाड़ियों ने जिस तरह पहले चक्र में खेल दिखाया वह इस बात को साबित करता है कि फुटबाल ने वहा के निवासियों के दिलों पर राज कर लिया है। अफ्रीका महाद्वीप का प्रतिनिधित्व करने वाली केप वर्डे की पुुरुष फुटबाल टीम ग्रुप एच में थी। जिसमें उसने पहले मैच में एक बार की पूर्व विश्व विजेता स्पेन की टीम को बराबरी पर रोका। फिर उन्होंने विश्वकप में पहली बार खेलते हुए दो बार की विश्व चैंपियन (1930, 1950) की उरुग्वे की टीम से बराबरी की अंत में ग्रुप के तीसरे देश सउदी अरब को भी 0-0 से ड्रा करने पर मजबूर किया। इस तरह केप वर्डे की टीम ने न सिर्फ आपसी तालमेल का अच्छा परिचय देते हुए पूरे जगत के फुटबाल प्रेमियों को आश्चर्यचकित किया बल्कि यह भी साबित किया कि फुटबाल के खेल ने केप वर्डे देश में अपनी जड़ें मजबूत कर चुका है। 2026 के फीफा विश्वकप में वैसे भी उलटफेर का दौर चल रहा है। चार बार की विश्व विजेता यूरोप महाद्वीप की टीम इटली इस विश्वकप में योग्यता हासिल करने में असफल रही थी। विश्व कप को 1930 से लेकर अब तक ब्राजील ने 05 बार, पश्चिम जर्मनी/जर्मनी ने 04 बार,अर्जेंटीना ने 3 बार, फ्रांस, उरुग्वे ने 02-02 बार, स्पेन, इंग्लैंड ने एक-एक बार जीता है। 2026 के इस विश्वकप स्पर्धा में अब क्वार्टर फायनल में आठ टीम ने जगह बना ली है जिसमें मोरक्को वि. फ्रांस, स्पेन वि. बेल्जियम, नार्वे वि. इंग्लैंड, अर्जेंटीना वि. स्वीट्जरलैंड के बीच भिड़ंत होगी। इस बार उपरोक्त में से पूर्व में विजेता रह चुकी फ्रांस, स्पेन, इंग्लैंड, अर्जेंटीना सिर्फ चार टीम ही बाकी है। अब फीफा द्वारा फुटबाल खेल की दृष्टि से बांटे गये पृथ्वी के छ: भू भाग में से सिर्फ तीन देश की टीम अर्थात् दक्षिण अमेरिका महाद्वीप से एक मात्र अर्जेंटीना, अफ्रीका महाद्वीप से एक मात्र मोरक्को जबकि यूरोप महाद्वीप से 06 टीम बाकी है। अब तक अर्जेंटीना की टीम सबसे ज्यादा भाग्यशाली है जबकि उसे केपवर्डे की टीम ने राउंड आफ 32 तथा मिस्र की टीम ने राउंड आफ 16 में जमकर टक्कर दी। 2026 के विश्व कप में जर्मनी का पहले ही दौर में बाहर होना और सबसे ज्यादा पांच बार विश्व विजेता बनने वाली टीम ब्राजील का राउंड आफ 16 में पराजित हो जाना इस बात का संकेत देता हे कि गहन प्रशिक्षण, लगन, मेहनत, जुझारूपन, आपसी बेहतरीन तालमेल की वजह से अब कोई भी टीम अपने प्रतिद्वंद्वी पर भारी पड़ सकता है। इसका सबसे बड़ा कारण फीफा द्वारा प्रत्येक देश में फुटबाल की प्रगति का लगातार जायजा लेना है। खिलाडिय़ों को संबंधित देशों द्वारा क्या सुविधा दी जानी चाहिए इसकी जानकारी सार्वजनिक की जाती है। किसी देश में संसाधन या प्रशिक्षक या खेल सामग्री की कमी होती है तो फीफा इसके लिए उचित व्यवस्था करता है। खिलाडिय़ों के खान-पान से लेकर कसरत के लिए जिम की कमी दूर की जाती है और विशेषज्ञ चिकित्सक, फिजियोथेरेपिस्ट, मैदान बनाने वाले,शिक्षित रेफरी, खेल की नियमावली,, सभी फीफा द्वारा उपलब्ध कराये जाते हैं. या फिर वीडियो कांफ्रेंसिंग से सलाह की जाती है। दूसरी बात ख्याति। प्राप्त टीम दूसरे छोटे देश की टीम को मैच से पहले हल्के में लेते हैं। जबकि छोटे छोटे देश नामीगिरामी देशों की टीम को पराजित करने के हिसाब रणनीति बनाकर विश्व कप में अपना प्रदर्शन करते हैं इसी कारण परिणाम उलट जाते हैं अतः बाकी बचे 08 मैच में सभी टीम को पूरे लय के साथ खेलना होगा जो टीम श्रेष्ठ होगी वहीं चैंपियन बनेगी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *