रायपुर । छत्तीसगढ़ उर्दू अकादमी के अध्यक्ष इदरीस गांधी ने राज्य शासन से मांग की है कि विशेष रूप से देर रात ऑनलाइन डिलीवरी करने वाले डिलीवरी बॉय की पहचान सुनिश्चित करने के लिए मानक सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि Zomato, Swiggy, Blinkit, toing, Instamart सहित अन्य ऑनलाइन डिलीवरी सेवाओं के डिलीवरी बॉय देर रात तक रायपुर शहर सहित प्रदेश के अनेक शहरों की आवासीय कॉलोनियों, अपार्टमेंट और गेटेड कैंपस में पहुंचते हैं। ऐसे में नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उनकी पहचान सुनिश्चित करने की प्रभावी व्यवस्था आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि अधिकांश ऑनलाइन डिलीवरी बॉय पूरी ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं, लेकिन यदि कोई असामाजिक तत्व डिलीवरी बॉय का वेश धारण कर देर रात किसी कॉलोनी या आवासीय परिसर में प्रवेश कर जाए, तो यह गंभीर सुरक्षा चुनौती बन सकती है। देश के विभिन्न हिस्सों में फर्जी डिलीवरी एजेंट से जुड़े मामले सामने आने के बाद इस विषय पर समय रहते ठोस सुरक्षा व्यवस्था विकसित करना आवश्यक हो गया है।
इदरीस गांधी ने पुलिस प्रशासन से आग्रह किया कि विशेष रूप से देर रात ऑनलाइन डिलीवरी करने वाले डिलीवरी बॉय के लिए समय-समय पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाए। अभियान के दौरान उनकी पहचान, कंपनी से संबद्धता, आवश्यक दस्तावेजों, यातायात नियमों के पालन तथा आवश्यकता पड़ने पर नशे की हालत में वाहन चलाने की भी जांच की जाए। इससे फर्जी डिलीवरी एजेंट बनकर अपराध करने वाले असामाजिक तत्वों पर प्रभावी अंकुश लगेगा, ईमानदार डिलीवरी बॉय की विश्वसनीयता बढ़ेगी और आम नागरिकों में सुरक्षा का विश्वास भी मजबूत होगा।

