नई दिल्ली,22 अक्टूबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस वर्ष भी अपनी परंपरा निभाते हुए दिवाली में सीमा पर तैनात वीर जवानों के साथ मनाई। इस बार वे करवार के समीप आईएनएस विक्रांत पर नौसेना के अधिकारियों व नाविकों के साथ रहे। उनके इस कदम ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि उनके लिए “देश ही परिवार है” और सीमा पर तैनात सैनिक उनके लिए अपने हैं। जहां दीपक की लौ घरों के साथ-साथ सीमाओं पर भी जलती है और इसका अर्थ यही है कि देश की सुरक्षा और जवानों की निष्ठा राष्ट्र की सांझी पहचान हैं.यह परंपरा अब प्रतीकात्मक अनुष्ठान से बढ़कर राष्ट्रभावना का उत्सव बन चुकी है। जहां दीपक की लौ घरों के साथ-साथ सीमाओं पर भी जलती है और इसका अर्थ यही है कि देश की सुरक्षा और जवानों की निष्ठा राष्ट्र की सांझी पहचान हैं। प्रधानमंत्री का हर साल सैनिकों के बीच दीप प्रज्वलित करना यह याद दिलाता है कि सीमाओं पर रहने वाले सैनिक देश के अभिन्न अंग हैं और उनके साहस के कारण ही घर-घर में दीप जल रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने फिर जवानों के साथ मनाई दिवाली

