जनभागीदारी व प्रशासन के समन्वय से होग़ा घूमन्तु मवेशियों का प्रबंधन
मावेशियों को खुला छोड़ने वाले पशु मालिकों पर लगेगा जुर्माना
घुमन्तु पशुओं के प्रबंधन पर समीक्षा बैठक सम्पन्न
भाटापारा । जिले में सड़कों पर आवारा घूमने वाले पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने और उनके बेहतर प्रबंधन के लिए प्रशासन ने एक बड़ी पहल शुरू की है। जिले के लगभग 25649 घूमंतू मवेशियों को अब रेडियम बेल्ट पहनाया जाएगा, जिससे रात के अंधेरे में भी वाहन चालकों को ये पशु दूर से दिखाई दे सकें।कलेक्टर कुलदीप शर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला पंचायत सभाक़क्ष में आयोजित घूमंतू पशु प्रबंधन की समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया।
कलेक्टर श्री शर्मा ने कहा कि घूमंतू मवेशियों के कारण सड़क दुर्घटना, आवागमन अवरोध,जनहानि, खरीफ सीजन में धान फसल की क्षति होती है। इसके साथ ही विभिन्न संचारी रोग का प्रसार और स्वच्छता भी प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि घूमंतू पशुओं का प्रबंधन केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संस्थाओं और गौशालाओं का सहयोग लिया जाएगा।उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत चरवाहा और 3 -4 सक्रिय युवाओ को मानदेय देकर रखें जो सडक से मवेशियों को हटाने का कार्य करेंगे।शासन की गौधाम योजना अंतर्गत संचालित सुरभि गौधाम एवं गौशाला में क्षमता अनुसार घुमन्तू मवेशियों को रखा जाए। कलेक्टर ने छुट्टा मवेशियों के बंध्याकरण के लिये अभियान चलाने के भी निर्देश अधिकारियों को दिये। उन्होंने मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को निर्देशित किया कि नगरीय निकायों में भी सड़कों पर आवारा मवेशी विचरण न करें इसकी पुख्ता व्यवस्था हो।
लापरवाह पशु मालिकों पर कसेगा शिकंजा,लगेगा जुर्माना-समीक्षा बैठक के दौरान आवारा पशुओं की समस्या के मूल कारण पर भी सख्त रुख अपनाया गया। अधिकारियों को निर्देश दिये गये कि जो पशु मालिक अपने मवेशियों को दूध निकालने के बाद या जानबूझकर सड़कों पर खुला छोड़ देते हैं, अब उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। सड़कों पर मवेशी खुला छोड़ने वाले पशु मालिकों की पहचान कर उन पर जुर्माना लगाया जाए।
दुर्घटना में मृत गौवंश का होग़ा ससम्मान दफ़न- सड़क दुर्घटना में मृत्यु होने पर गौवंश का पूरे सम्मान के साथ दफ़न की प्रक्रिया पूरी करने पर जोर दिया गया। कलेक्टर श्री शर्मा ने कहा कि सडक दुर्घटना में मृत्यु होने पर मृत गौवंश को उठाने जेसीबी की व्यवस्था से लेकर उपयुक्त तरीके से दफ़नाने की व्यवस्था जनपद पंचायत को करनी होगी।उन्होंने पशु चिकत्सा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि गौवंश के बीमार होने या दुर्घटना की सूचना पर तत्काल मौक़े पर पहुंचे और जरुरी उपचार करें।इस दौरान सरपंच, गौधाम एवं गौशाला संचालकों ने भी घूमनतू मवेशियों के प्रबंधन के सम्बन्ध में जरुरी सुझाव दिये।
बैठक में सीईओ जिला पंचायत सुश्री दिव्या अग्रवाल,उप संचालक पशु चिकत्सा सेवाएं डॉ.नरेंद्र सिंह सहित जनपद सीईओ,मुख्य नगर पालिका अधिकारी सरपंच, सचिव,गौशाला संचालक उपस्थित थे।

