15 नवंबर से धान खरीदी की तैयारी पूरी करने के निर्देश, हर जिले में विकसित होंगे दो से तीन विशिष्ट कृषि मॉडल
रायपुर, 28 अक्टूबर। कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने किसानों की आय बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने के लिए फसल विविधीकरण पर जोर दिया है। उन्होंने अधिकारियों को धान के स्थान पर दलहन, तिलहन, मिलेट्स और अन्य लाभकारी फसलों का रकबा बढ़ाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। निर्धारित वैकल्पिक फसलों की खेती पर किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपए अनुदान देने की योजना का व्यापक प्रचार करने को भी कहा।
परदेशी बुधवार को रायपुर संभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ले रहे थे। उन्होंने कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्यपालन, सहकारिता और संबंधित विभागों की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने 15 नवंबर से शुरू होने वाली धान खरीदी के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने तथा किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने देने के निर्देश दिए।
उन्होंने फूलों, फलों, मखाना और ऑयल पाम की खेती को बढ़ावा देने के साथ किसानों को बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने को कहा। बलौदाबाजार जिले के कसडोल विकासखंड में 700 एकड़ में ब्लैक राइस की खेती और जापानी कंपनी से विपणन संबंधी पहल की सराहना की। बैठक में इस चावल की 25 हजार रुपए प्रति क्विंटल की दर से बिक्री की जानकारी दी गई।
कृषि उत्पादन आयुक्त ने हर जिले में कृषि विज्ञान केंद्रों के सहयोग से दो से तीन विशिष्ट कृषि मॉडल विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि यंत्र प्राप्त करने वाले किसानों को संचालन और रखरखाव का व्यावहारिक प्रशिक्षण देने पर जोर दिया।
उन्होंने अमानक कीटनाशक बेचने, बिना लाइसेंस बिक्री करने और किसानों पर अन्य उत्पाद खरीदने का दबाव बनाने वाले विक्रेताओं के खिलाफ विशेष जांच अभियान चलाकर कार्रवाई करने को कहा। चक्रवात से फसलों को नुकसान होने पर तत्काल सर्वे कर पात्र किसानों को राहत देने तथा पीएम-आशा के तहत खरीदी और भुगतान समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

