शिक्षा का उद्देश्य बेहतर इंसान बनाना है, केवल डिग्री दिलाना नहीं: बृजमोहन अग्रवाल

शिक्षा का उद्देश्य बेहतर इंसान बनाना है, केवल डिग्री दिलाना नहीं: बृजमोहन अग्रवाल

 

गुरु पूर्णिमा पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने शिक्षकों का किया सम्मान, विद्यार्थियों को दिए संस्कार, धैर्य और सकारात्मक सोच के मंत्र

रायपुर । गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर भारतीय जनता पार्टी शिक्षा प्रकोष्ठ, जिला रायपुर द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में रायपुर लोकसभा सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वरिष्ठ एवं सेवानिवृत्त शिक्षकों, युवा अध्यापकों तथा मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल डिग्री दिलाना नहीं, बल्कि अच्छे संस्कारों के साथ एक बेहतर इंसान बनाना है।

गुरुजनों का सम्मान करना मेरे लिए सौभाग्य की बात: बृजमोहन अग्रवाल

कार्यक्रम में अपने गुरुजनों की उपस्थिति से भावुक हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि माता-पिता जीवन के पहले शिक्षक होते हैं और उनके बाद शिक्षक ही बच्चों का भविष्य संवारते हैं। उन्होंने कहा कि आज उन्हें उन गुरुजनों का सम्मान करने का अवसर मिला है जिन्होंने उन्हें शिक्षा देकर समाज सेवा के योग्य बनाया। उन्होंने कहा कि शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होता, बल्कि जीवनभर सीखने और सिखाने का कार्य करता रहता है।

ज्ञान और शिक्षा में अंतर समझाने की जरूरत

सांसद अग्रवाल ने कहा कि केवल विषय पढ़ाना या जानकारी देना ज्ञान है, जबकि शिष्टाचार, अनुशासन, बड़ों का सम्मान, नैतिक मूल्य और सही-गलत की पहचान कराना वास्तविक शिक्षा है। उन्होंने कहा कि शिक्षक का दायित्व केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का निर्माण करना भी है।

शिक्षा का उद्देश्य बेहतर इंसान बनाना है, केवल डिग्री दिलाना नहीं: बृजमोहन अग्रवाल

शिक्षक केवल पढ़ाएं नहीं, विद्यार्थियों के मार्गदर्शक भी बनें

उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे विद्यार्थियों के साथ आत्मीय और विश्वासपूर्ण संबंध विकसित करें ताकि बच्चे अपनी समस्याएं, परेशानियां और सपने उनसे साझा कर सकें। उन्होंने कहा कि बच्चा कच्ची मिट्टी की तरह होता है, जिसे सही दिशा देकर एक जिम्मेदार नागरिक बनाया जा सकता है। साथ ही उन्होंने सेवानिवृत्त शिक्षकों से समय-समय पर अपने पुराने विद्यालयों में जाकर विद्यार्थियों और युवा शिक्षकों का मार्गदर्शन करने का भी आग्रह किया।

विद्यार्थियों को दी धैर्य, संस्कार और सादगी अपनाने की सीख

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि आज के समय में बच्चों में धैर्य की कमी देखने को मिल रही है, जो कई समस्याओं का कारण बनती है। उन्होंने कहा कि माता-पिता और शिक्षकों की डांट के पीछे हमेशा बच्चों का हित छिपा होता है। उन्होंने विद्यार्थियों से दिखावे और भौतिक प्रतिस्पर्धा से दूर रहकर पढ़ाई, संस्कार और अच्छे चरित्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

सामान्य पढ़ाई के लिए बाहर जाने की नहीं, स्थानीय संस्थानों पर भरोसा करें

सांसद अग्रवाल ने कहा कि बीकॉम, बीएससी और बीबीए जैसे सामान्य पाठ्यक्रमों के लिए अभिभावकों पर आर्थिक बोझ डालकर दूसरे शहरों या विदेशों में जाने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि छत्तीसगढ़ में भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि यदि कोई स्पेस टेक्नोलॉजी, सुपर कंप्यूटर या अन्य विशेष तकनीकी पाठ्यक्रम करना चाहता है, तब बाहर जाकर अध्ययन करना उचित हो सकता है, जिसके लिए सरकार और बैंक भी सहयोग करते हैं।

समारोह में जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों की रही मौजूदगी

कार्यक्रम में पूर्व मंत्री एवं विधायक राजेश मूणत, विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक मोतीलाल साहू, कांतिलाल जैन, नगर निगम सभापति सूर्यकांत राठौर, अभिषेक अग्रवाल, जोन अध्यक्ष अंबर अग्रवाल, सचिन मेघानी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, विद्यार्थी, अभिभावक और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

शिक्षा प्रकोष्ठ की टीम को दी शुभकामनाएं

कार्यक्रम के सफल आयोजन पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भाजपा शिक्षा प्रकोष्ठ के रायपुर शहर संयोजक अभिषेक अग्रवाल सहित पूरी टीम को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि शिक्षा प्रकोष्ठ भविष्य में भी समाज में शिक्षा, संस्कार, संस्कृति और भारतीय परंपराओं को मजबूत करने की दिशा में इसी प्रकार कार्य करता रहेगा।

 

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