क्रिकेटर मोहम्मद शमी के बहन-बहनोई समेत आठ लोगों के मनरेगा जॉब कार्ड बनने के मामले में गुरुवार को बड़ा एक्शन हुआ है। जांच में दोषी मिले तीन तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव समेत आठ कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया। साथ ही बीडीओ जोया लोकचंद आनंद ने इन सभी के खिलाफ डिडौली कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है। कार्रवाई की जद में आई ग्राम प्रधान ने आठ लाख 68 हजार 344 रुपये की रिकवरी की धनराशि जमा कर दी है। डीएम के आदेश पर ग्राम प्रधान के सभी खाते सीज कर दिए गए हैं। ग्राम प्रधान को पद से हटाने के लिए पंचायती एक्ट के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो गई। नोटिस जारी कर दिया गया है।
जिले की सुर्खियों में बने मनरेगा फर्जीवाड़े में ग्राम प्रधान समेत आठ कर्मचारियों पर कार्रवाई की गाज गिरी है। इस मामले में शमी की बहन शबीना की सास व मौजूदा ग्राम प्रधान गुले आयशा को अपनी प्रधानी गंवानी पड़ेगी। गुरुवार को ग्राम प्रधान के सभी खाते व अधिकार सीज कर दिए गए। कार्रवाई की जद में आई ग्राम प्रधान ने रिकवरी की आठ लाख 68 हजार 344 रुपये की रकम भी जमा कर दी है। वहीं तीन तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव हुमा, अंजुम, पृथ्वी सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है। अफसरों के मुताबिक संबंधित मनरेगा कम्प्यूटर ऑपरेटर, एपीओ व तकनीकी सहायक को भी निलंबित कर दिया गया है। संबंधित लेखाकार को निलंबित करने के लिए उच्च अफसरों को रिपोर्ट भेजी गई है। मामले में बीडीओ प्रतिभा अग्रवाल के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को लिखा गया है। तत्कालीन सचिव विजेंद्र सिंह के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई हो रही है। डीपीआरओ स्तर से ग्राम प्रधान को नोटिस जारी हुआ है। नोटिस का जवाब मिलने के बाद प्रधान के खिलाफ अगली कार्रवाई की जाएगी। सीडीओ अश्विनी कुमार मिश्रा ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि जोया बीडीओ लोकचंद आनंद ने तीन तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव सहित आठ कर्मचारियों के खिलाफ डिडौली कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है। बताया कि इस मामले में संबंधित दोषियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जा रही है, नोटिस जारी किए गए हैं।
क्रिकेटर मोहम्मद शमी के बहन-बहनोई समेत आठ लोगों के मनरेगा जॉब कार्ड बनने के मामले में गुरुवार को बड़ा एक्शन हुआ है। जांच में दोषी मिले तीन तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव समेत आठ कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया। साथ ही बीडीओ जोया लोकचंद आनंद ने इन सभी के खिलाफ डिडौली कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है। कार्रवाई की जद में आई ग्राम प्रधान ने आठ लाख 68 हजार 344 रुपये की रिकवरी की धनराशि जमा कर दी है। डीएम के आदेश पर ग्राम प्रधान के सभी खाते सीज कर दिए गए हैं। ग्राम प्रधान को पद से हटाने के लिए पंचायती एक्ट के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो गई। नोटिस जारी कर दिया गया है।
जिले की सुर्खियों में बने मनरेगा फर्जीवाड़े में ग्राम प्रधान समेत आठ कर्मचारियों पर कार्रवाई की गाज गिरी है। इस मामले में शमी की बहन शबीना की सास व मौजूदा ग्राम प्रधान गुले आयशा को अपनी प्रधानी गंवानी पड़ेगी। गुरुवार को ग्राम प्रधान के सभी खाते व अधिकार सीज कर दिए गए। कार्रवाई की जद में आई ग्राम प्रधान ने रिकवरी की आठ लाख 68 हजार 344 रुपये की रकम भी जमा कर दी है। वहीं तीन तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव हुमा, अंजुम, पृथ्वी सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है। अफसरों के मुताबिक संबंधित मनरेगा कम्प्यूटर ऑपरेटर, एपीओ व तकनीकी सहायक को भी निलंबित कर दिया गया है। संबंधित लेखाकार को निलंबित करने के लिए उच्च अफसरों को रिपोर्ट भेजी गई है। मामले में बीडीओ प्रतिभा अग्रवाल के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को लिखा गया है। तत्कालीन सचिव विजेंद्र सिंह के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई हो रही है। डीपीआरओ स्तर से ग्राम प्रधान को नोटिस जारी हुआ है। नोटिस का जवाब मिलने के बाद प्रधान के खिलाफ अगली कार्रवाई की जाएगी। सीडीओ अश्विनी कुमार मिश्रा ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि जोया बीडीओ लोकचंद आनंद ने तीन तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव सहित आठ कर्मचारियों के खिलाफ डिडौली कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है। बताया कि इस मामले में संबंधित दोषियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जा रही है, नोटिस जारी किए गए हैं।

