बंडा पहाड़ में पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में दो शीर्ष नक्सली ढेर
एक इसांस रायफल, एक 303 रायफल, कारतूस, रेडियो व भारी मात्रा में दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद
घेराबंदी में फंसे नक्सलियों ने की गोलीबारी, पुलिस ने दिया मुंहतोड़ जवाब
लंबे समय से सक्रिय नक्सली विजय रेडडी [DKSZCM] व लोकेश सलामे [DVCS] के रूप में हुई पहचान
मोहला: मदनवाड़ा थाना क्षेत्र के बंडा पहाड़ में डीआरजी के सर्चिंग पर नक्सलियों ने फॉयरिंग शुरू कर दी, जवानों ने जवाबी फॉयरिंग कर मुहतोड़ जवाब दिया। कांकेर पुलिस ने अलग दिशाओं से पहाड़ घेरकर नक्सलियों को घेरा मुठभेड़ के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता मिली । सर्चिंग पर दो नक्सलियों का शव बरामद हुआ जिसकी पहचान इलाके में दहशत फैलाने वाले दो बड़े कैडर के रूप में हुई,बड़ी मात्रा में गोला बारूद, नक्सल साहित्य, दैनिक उपयोगी सामाग्री मौके से जप्त किया गया है। जानकारी के अनुसार माओवादी के द्वारा स्वतंत्रता दिवस के दिन जिला के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी थी। उक्त आसूचना पर नक्सलियों के मंसूबो को असफल करने के लिए पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह के द्वारा जिला पुलिस डीआरजी फोर्स को आसूचना एवं नक्सलियों के उपस्थिति, भौगोलिक परिस्थितियों के बारे ब्रीफ करते हुए एसडीओपी प्रशांत कुमार सिंह पैकरा एवं डीएसपी ताजेश्वर दीवान के नेतृत्व में टीम रवाना किया गया था। बंडा पहाड़ जिला कांकेर और मोहला मानपुर अम्बागढ़ चौकी के सीमा क्षेत्र घने जंगल जो कि लम्बा चौड़ा पहाड़ माना जाता है। राजनांदगांव के समय वर्ष 2004-2005 के में नक्सलियों का जमावड़ा बंडा पहाड़ में हुआ करता था, डीआरजी टीम मोहला मानपुर अम्बागढ़ चौकी, डीआरजी टीम कांकेर और आईटीबीपी 27वीं वाहिनी के जवानों के द्वारा सन्युक्त ऑपरेशन करते हुए बंडा पहाड़ में कार्डन एवं सर्च कार्यवाही शुरु की गई। 5-6 घंटों के कार्डन और सर्च के बाद मोहला मानपुर अं.चौकी पुलिस टीम के द्वारा बंडा पहाड़ को पुरा घेर लिया गया था। जिले की डीआरजी टीम को नजदीक आते देख शाम 5 बजे के आसपास नक्सलियों ने आटोमेटिक हथियारों से पुलिस को जान से मारने और हथियार लूटने के नियत से फायरिंग करना शुरु कर दिया। आत्मसमर्पित करने हेतु अपील करने के बावजूद माओवादियों के द्वारा लगातार पुलिस पार्टी के खिलाफ फायरिंग जारी रह, जिसके फलस्वरूप पुलिस पर्टी द्वारा आत्मरक्षार्थ फायरिंग करनी पड़ी नक्सलियों के द्वारा फायरिंग रोकने पर घटनास्थल पर पुलिस पार्टी द्वारा घेराबंदी कर समन सर्विंग किया। सर्चिग करने के बाद घटनास्थल पर दो पुरूष माओवादी के शव और रायफल मिला। जिसमे से एक माओवादी की पहचान विजय रेड्डी उर्फ सुगुलूरी चिनन्ना उर्फ नगन्ना उर्फ शंकर [DKSZCM] के रूप में हुई। दूसरे माओबादी की पहचान लोकेश सलामे उर्फ हरसिंग [DVCS] के रूप में की गई। घटनास्थल में नक्सलियों का डेरा मिला है जिसमें कारडेक्स, रेडियो, वाकीटाकी, कपड़े, दवाईयां व दैनिक उपयोग के सामाग्री जप्त किए गए है।

विजय रेड्डी पर चार राज्यो में थे ईनाम
बड़े कैडर विजय रेड्डी पर छत्तीसगढ़ में में पच्चीस लाख, महाराष्ट्र में पच्चीस लाख ,आन्ध्रप्रदेश में बिस लाख तेलंगाना में बीस लाख के थे इनाम,विजय रेड्डी पर नब्बे लाख के इनाम थे, वही लोकेश सलामे पर छत्तीसगढ़ में दस लाख एवं महाराष्ट्र में सोलह लाख के इनाम थे ।
एनकाउंटर में जप्त हथियार का विवरण :-
1. इंसास रायफल
2. 303 राइफल
3. कॉर्डेक्स तार
4. वाकीटाकी
5. कपड़े, दवाईयां व दैनिक उपयोग के सामाग्री
दर्ज अपराध की जानकारी
विजय रेड्डी कुल 42 मामले दर्ज थे और लोकेश सलामे कुल-37 मामले दर्ज थे,स्थायी वारंटियों में भी विजय रेड्डी पर कुल-20 और लोकेश सलामे कुल-10 मामले थे

