मस्क कह रहे हैं कि एपस्टीन से जुड़ी फाइलें कभी सार्वजनिक नहीं की गईं, क्योंकि उसमें ट्रंप का नाम था। ट्रंप कह रहे हैं कि मस्क की सरकारी सब्सिडी खत्म कर देंगे। सोचिए एक जमाने में ट्रंप जिस मस्क को अमेरिका का फ्यूचर कहते थे। उन्हें अब पागल बता रहे हैं और उनसे बात नहीं करने की कसमें खा रहे हैं।
ट्रंप और मस्क की कहानी पर आप नजर डालेंगे तो आपको बॉलीवुड फिल्म की झलक नजर आएगी। दोस्ती ऐसी की मानो सौदागर फिल्म के राजू और वीरू फेल हो जाए। एक दूसरे की तारीफों के पुल बांधते नजर आते थे। लेकिन अब मामला इतना बिगड़ गया है कि एक दूसरे के गंदे राज खोलने तक पर उतर आए हैं। आपको याद होगा वो दौर जब ट्रंप को चुनाव जीतवाने के लिए मस्क कैसे कैंपेन करते नजर आते थे। डोनाल्ड ट्रंप की सबसे बड़ी जीत का श्रेय एलन मस्क को ही एक्सपर्ट्स ने तब दिया था। उन्होंने ट्रंप का सिर्फ समर्थन ही नहीं किया बल्कि ट्रंप के प्रचार में लगभग सात करोड़ डॉलर खर्च भी किए। उन्हीं एलन मस्क को डोनाल्ड ट्रंप ने चुनाव में जीत के बाद सबसे बड़ा तोहफा डीओजीई चीफ बनाकर दिया। आपको याद होगा जब ट्रंप पर अटैक हुआ था। उसी वक्त एलन मस्क ने उनका साथ दिया था और फंडिग भी की थी। लगातार वो तारीफों के पुल बांधते रहे। जिसके बाद इस जोड़ी को अमेरिका की टेक और पॉलिटिक्स अलायंस कहा जाने लगा था। लेकिन अब पूरी कहानी उल्टी पड़ गई है और एक दूसरे को गंदे राज खोलने की धमकी दी जा रही है।
मस्क कह रहे हैं कि एपस्टीन से जुड़ी फाइलें कभी सार्वजनिक नहीं की गईं, क्योंकि उसमें ट्रंप का नाम था। ट्रंप कह रहे हैं कि मस्क की सरकारी सब्सिडी खत्म कर देंगे। सोचिए एक जमाने में ट्रंप जिस मस्क को अमेरिका का फ्यूचर कहते थे। उन्हें अब पागल बता रहे हैं और उनसे बात नहीं करने की कसमें खा रहे हैं। मस्क ने एक नई राजनीतिक पार्टी शुरू करने का संकेत दिया है। मस्क ने एक पोल पोस्ट किया कि क्या अमेरिका में एक नई राजनीतिक पार्टी बनाने का समय आ गया है जो वास्तव में मध्य वर्ग के 80% लोगों का प्रतिनिधित्व करती हो? कई सवाल है लेकिन एपस्टीन फाइल का जिक्र सबसे चौंकाने वाला है।
मस्क ने कैसे ट्रंप के उतारे कपड़े

