चक्रवात दित्वाह पड़ा कमजोर, उत्तर तमिलनाडु में भारी बारिश का खतरा टला

नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवात दित्वाह अब डीप डिप्रेशन में बदल गया है। इसके कारण उन जिलों में राहत की सांस ली जा रही है, जहां पहले बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई थी। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) के अनुसार, यह सिस्टम तमिलनाडु-पुडुचेरी तट के समानांतर गुजरते हुए धीरे-धीरे कमजोर हो गया। वहीं, रविवार सुबह तक जारी 24 घंटे के बारिश के आंकड़ों में कराईकल में सबसे अधिक 19 सेमी बारिश दर्ज की गई। इसके बाद मयिलादुथुरै जिले के सेम्बनारकोविल में 17 सेमी, जबकि नागपट्टिनम और मयिलादुथुरै शहर में 15 सेमी बारिश हुई। सिरकाजी और तिरुवारूर क्षेत्र में 14 सेमी बारिश दर्ज की गई। रमणाथपुरम जिले के थंगाचीमदम और थोंडी में भी भारी बरसात हुई। डेल्टा क्षेत्रों में नागपट्टिनम के तिरूपोंडी और तंजावुर के कुरुंगुलम में 13 सेमी बारिश दर्ज की गई।

इसके अलावा, कोडियाकरै और वेदारण्यम (नागपट्टिनम), नन्निलम (तिरुवारूर) और सेतियाथोप्पू (कड्डलूर) में 12 सेमी बारिश दर्ज की गई, जिससे तटीय इलाकों में लगातार बारिश का पता चलता है। कमजोर पड़ा यह सिस्टम लगभग 180 किमी क्षेत्र में फैला हुआ उत्तर दिशा की ओर बढ़ रहा था।

आज सोमवार सुबह इसकी स्थिति पुडुचेरी से 110 किमी दक्षिण-पूर्व, वेदारण्यम से 140 किमी उत्तर-पूर्व और चेन्नई से 180 किमी दक्षिण-दक्षिण-पूर्व में थी। हालांकि यह चक्रवात अब एक डीप डिप्रेशन बन चुका है, लेकिन फिर भी तट के समानांतर आगे बढ़ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, जैसे-जैसे यह सिस्टम और कमजोर होगा, तट से इसकी न्यूनतम दूरी करीब 30 किमी तक रह सकती है, लेकिन इसकी घटती तीव्रता की वजह से भीषण बारिश का खतरा लगभग खत्म हो चुका है।

मौसम विभाग ने सोमवार को तमिलनाडु और पुडुचेरी के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना जताई है। वहीं तिरुवल्लूर जिले के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है।

6 दिसंबर तक राज्य के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। चेन्नई और आसपास के क्षेत्र में बादल छाए रहेंगे। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।

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