■धन्जी भाई जोशी निभा रहे प्रमुख संचालन व प्रसंगो को समझाने की भुमिका
■परशुराम-लक्ष्मण संवाद, केवट संवाद, सीताहरण, जटायुमरण की लीला हुई
भाटापारा :- 106वें वर्ष की रामलीला मंचन के चौथे दिवस पर परशुराम-लक्ष्मण संवाद और केवट प्रसंग ने जमाया रंग, सीताहरण और जटायु मरण की लीला देख लोग हुए भावुक। रामलीला के सबसे वरिष्ठ धन्जी भाई जोशी के मार्गदर्शन में प्रमुख संचालक और प्रसंगो को समझाने वाले प्रमुख उद्घोषक एवं संगीत पक्ष का कार्य कर रामलीला के सभी विभाग को मार्गदर्शन कर अपने अनुभव का लाभ रामलीला को पहुंचाते है वही साजसज्जा रंग रोगन कार्य को प्रमुखता से रामलीला से जुड़े तीसरी पीढ़ी के लोगो में शिवनारायण गुप्ता और पांचवी पीढ़ी में उनके ही पोते आदित्य गुप्ता का अथक योगदान मिल रहा है। रामलीला के वरिष्ठ सुर्यकांत बाबु शुक्ला के द्वारा महिला पात्रों को बहुत ही सुंदर तरिके से सजाकर उनको मंच पर लाते है वही व्यवस्था में बजरंग लाल चौरसिया, मोनु मल, हेमंत मल, विनय ठाकुर, सिद्धांत जाधव, राहुल जोशी, अभिनव तिवारी प्रमुख भुमिका निभाते है। आरती में शिक्षण संस्थान, वरिष्ठ डाक्टरों ने की भगवान श्रीरामजी की आरती जिसमें मयुर क्लब, जेसिस क्लब, लॉयन्स क्लब, गुरूकुल स्कुल, मार्डन स्कुल शामिल थे। संबोधन में डॉ. पुजा समीर भृगु ने कहा कि जब भी वो रामायण पढ़ती है तो इस रामलीला के मंच के अभिनित कलाकारो के साथ जोडकर देखती है इन बाल कलाकारो के अभिनय से वही बहुत ज्यादा उत्साहित होती है। डॉ.विकास आडिल ने आयोजक समिति को शुभकामनाए दी, गुरूकुल स्कुल से रौनक मुंधड़ा ने अपने स्कुल के बच्चो को भी रामलीला में कलाकार की भुमिका निभाने के लिए जोड़ने की बात कही । प्रिंसिपल बाबु मैथ्यु ने इस रामलीला को सांस्कृतिक धार्मिक धरोहर बताया । मार्डन स्कुल संचालिका प्रीति ताम्हणे जी ने अपने पुराने दिनो को याद करते हुए अपने समय की रामलीला का वर्णन किया। मयुर क्लब से रविंद्र जैन ने रामलीला को भरपुर सहयोग देने की बात कही। आरती में शामिल हुए लोगो में श्रवण अग्रवाल,जगदीश प्रसाद दिक्षित, उमाशंकर अग्रवाल, उमाकांत जायसवाल, विजय मल, अनिल भृगु, जय प्रकाश अग्रवाल, रोशन हबलानी, अशोक तिवारी, पप्पु बजाज, भागवत भुषानिया, विनोद अग्रवाल, राजू अग्रवाल उपस्थित रहे।

