जे बी स्कूल के शिक्षकों एवं छात्रों ने दिया योग का सन्देश

तिल्दा नेवरा। योग एक शारीरिक एवं आत्मिक क्रिया है, जिसका किसी धर्म अथवा किसी पंथ से कोई संबंध नहीं है। स्कूलों में छात्र-छात्राओं को योगाभ्यास कराया गया।
व्यस्तता भरे जीवन में न केवल व्यस्क वरन बच्चे भी अवसाद या अन्य बीमारियों से ग्रस्त होने लगे हैं | जिसके निदान के लिए आवश्यक है की बच्चों में छोटी उम्र से ही योग की आदत डाली जाए | योग से स्वास्थ्य लाभ के साथ ही विद्यार्थियों को अच्छा इंसान बनने की भी सिख मिलेगी | उन्हें प्रतिदिन ध्यान भी करना चाहिए जिससे उनकी बुद्धि तेज तथा चित्त शांत हो | इस से आत्म विश्वास बढ़ता है और बच्चों को अपनी उर्जा का सकारत्मक कार्यों में प्रयोग करने की शिक्षा मिलती है | योग शरीर की प्रतिरोधात्मक क्षमता में भी वृद्धी करता है |शरीर में होने वाली बीमारी जैसे खांसी, जुकाम, मधुमेह, रक्तचाप आदि रोगों से मुक्ति दिलाता है तथा पाचन तंत्र को भी मजबूत करता है | भारत ने विश्व को प्रत्येक क्षेत्र में अनेक धरोहर दिए है | योग भी इनमें से एक अनमोल देन है | योग एक ऐसी अमूल्य साधना है जो मनुष्य के शरीर, मन और मस्तिष्क को शुद्ध करता है, इनमें सामंजस्य स्थापित करने की प्रेरणा और उत्साह प्रदान करता है | संतुलित खान पान तथा नियमित योगाभ्यास एवं साधना द्वारा मनुष्य जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण उत्पन्न कर सकता है | आवश्यकता है तो इसके नियमित अभ्यास तथा अनुशासन पूर्ण आचरण की | विद्यार्थियों से नियमित योग करने की प्रतिज्ञा के साथ ही उन्हें माता पिता एवं शिक्षकों की आज्ञा का सदैव पालन करने की समझाइश दी गई | जे. बी. स्कूल में प्रत्येक सत्र में योग शिक्षा एवं व्यायाम द्वारा विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक तथा बौद्धिक विकास को अत्यधिक महत्व दिया जाता है |
योग दिवस प्रेम, शांति और एकता का प्रतीक है। योग से शांति मिलती है। योग ने देश की सीमाओं को पार किया है। यदि मस्तिष्क शरीर का मंदिर है तो योग एक सुंदर मंदिर का निर्माण करता है। इस बात के कई प्रमाण हैं कि योग तनाव और जटिल बीमारियों से लड़ने में मदद करता है। जे.बी.स्कूल में प्रत्येक सत्र में योग शिक्षा एवं व्यायाम द्वारा विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक तथा बौद्धिक विकास को अत्यधिक महत्व दिया जाता है

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