केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने सोमवार को नई दिल्ली स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज (ILBS) के 10वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि “विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब देश स्वस्थ होगा।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने चिकित्सा शिक्षा के ‘हार्डवेयर’ और ‘सॉफ्टवेयर’ दोनों को समान प्राथमिकता देकर स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत किया है।
चिकित्सा शिक्षा में हुआ अभूतपूर्व विस्तार
जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार ने मेडिकल शिक्षा के बुनियादी ढांचे के साथ-साथ नीतिगत सुधारों और शैक्षणिक माहौल को भी सुदृढ़ बनाया है। उन्होंने बताया कि देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 387 से बढ़कर 818 हो गई है।
उन्होंने कहा कि एमबीबीएस सीटें करीब 50 हजार से बढ़कर 1.20 लाख से अधिक हो गई हैं, जबकि पीजी मेडिकल सीटें 30 हजार से बढ़कर 80 हजार से अधिक हो चुकी हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगले पांच वर्षों में 75 हजार अतिरिक्त एमबीबीएस सीटें जोड़ने का लक्ष्य रखा है, जिसमें से करीब 25 हजार सीटें पहले ही बढ़ाई जा चुकी हैं।
देश में अब 23 एम्स
नड्डा ने कहा कि 20वीं सदी के अंत तक देश में केवल एक एम्स था। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में छह नए एम्स स्वीकृत किए गए, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 16 नए एम्स शुरू हुए हैं। इसके साथ ही देश में अब कुल 23 एम्स संचालित हो रहे हैं।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर बने स्वास्थ्य सेवाओं का आधार
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि देशभर में 1.85 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित किए जा चुके हैं, जो लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का पहला संपर्क केंद्र बन चुके हैं।

