नई दिल्ली। वजन कम करने वाली GLP-1 दवाओं के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर सरकार सतर्क हो गई है। सरकार ने इन दवाओं की बिना अनुमति बिक्री और प्रचार पर सख्ती बढ़ा दी है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, ड्रग्स कंट्रोलर ऑफ इंडिया ने इन दवाओं की सप्लाई और बिक्री पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी है, ताकि दवा कंपनियां और विक्रेता नियमों का पालन करें।
सरकार को चिंता है कि ये दवाएं अब मेडिकल सलाह के बिना ही मेडिकल स्टोर, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और वेलनेस क्लीनिक में आसानी से मिल रही हैं। बिना डॉक्टर की निगरानी के इनका इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है और गंभीर साइड इफेक्ट हो सकते हैं।
सरकार ने साफ कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें लाइसेंस रद्द करना, जुर्माना और कानूनी कार्रवाई शामिल है।
10 मार्च 2026 को सरकार ने दवा कंपनियों को निर्देश दिया था कि वे इन दवाओं का भ्रामक विज्ञापन या अप्रत्यक्ष प्रचार न करें, जिससे लोग गलत तरीके से इसका इस्तेमाल करने लगें।
पिछले कुछ हफ्तों में देशभर में जांच तेज की गई है। 49 जगहों पर निरीक्षण किया गया, जिनमें ऑनलाइन फार्मेसी, थोक विक्रेता, रिटेल दुकानों और स्लिमिंग क्लीनिक शामिल हैं। कई जगहों पर नियमों के उल्लंघन पाए गए, जिन पर नोटिस जारी किया गया है।
सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसी दवाओं का इस्तेमाल केवल डॉक्टर की सलाह से ही करें। यह दवाएं भारत में केवल विशेषज्ञ डॉक्टर जैसे एंडोक्राइनोलॉजिस्ट, इंटरनल मेडिसिन डॉक्टर और कुछ मामलों में कार्डियोलॉजिस्ट की सलाह पर ही दी जा सकती हैं।

