साइबर जागृति अभियान में 1.70 करोड़ लोगों तक पहुंचा सुरक्षा का संदेश, ट्रैफिक हैकाथॉन के विजेता सम्मानित
रायपुर, 9 अक्टूबर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूकता, सतर्कता और जनभागीदारी जरूरी है। साइबर सुरक्षा केवल शासन और पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने साइबर जागरूकता को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री शुक्रवार को राजधानी के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित साइबर जागृति अभियान एवं ट्रैफिक हैकाथॉन-2026 के अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चले सात सप्ताह के अभियान में पांच लाख से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए और करीब 1.70 करोड़ लोगों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाया गया। सोशल मीडिया पर 3,100 से अधिक पोस्ट के माध्यम से 6.02 करोड़ से अधिक व्यूज मिले। उन्होंने कहा कि अभियान समाप्त नहीं हुआ है, बल्कि यह साइबर जागरूकता की नई शुरुआत है।
उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि पुलिस की प्रभावी कार्रवाई से साइबर अपराधों से संबंधित एफआईआर में कमी आई है और ठगी की राशि की रिकवरी दर बढ़ी है। उन्होंने बताया कि साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले म्यूल बैंक खातों और फर्जी सिम उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने ट्रैफिक हैकाथॉन की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं ने रायपुर के प्रमुख चौक-चौराहों की यातायात समस्याओं के समाधान के लिए उपयोगी सुझाव दिए हैं। व्यवहारिक प्रस्तावों पर गंभीरता से विचार कर उन्हें लागू करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। समारोह में साइबर जागरूकता के लिए नवाचार करने वाले जिलों और हैकाथॉन के विजेताओं को सम्मानित किया गया।
साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्कता जरूरी
अभियान में डिजिटल भुगतान सुरक्षा, यूपीआई धोखाधड़ी, डिजिटल अरेस्ट, महिलाओं की ऑनलाइन सुरक्षा, रोजगार संबंधी ठगी और डेटा गोपनीयता जैसे विषयों पर लोगों को जागरूक किया गया। नागरिकों से ओटीपी और पासवर्ड साझा नहीं करने, संदिग्ध लिंक से बचने तथा साइबर ठगी होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करने की अपील की गई। ट्रैफिक हैकाथॉन में एआई आधारित निगरानी, स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन, सुरक्षित पैदल मार्ग और जाम कम करने के सुझाव भी प्रस्तुत किए गए।

