रायपुर/25 अक्टूबर 2026। मन की बात के नाम पर मोदी के एकतरफा संवाद में पुनः आदतन झूठ ही परोसने का आरोप लगाते हुए प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि मन की बात में अन्नदाता किसानों के जख्मों पर एक बार फिर नमक छिड़का गया, देश से निर्यात घट रहे हैं, आयात पर निर्भरता दिनोंदिन बढ़ रही है, रुपए का अवमूल्यन लगातार जारी है। महंगाई, बेरोजगारी, बढ़ती असमानता, संसाधनों की लूट और संवैधानिक संस्थानों के दुरुपयोग पर देश की जनता मोदी सरकार से जवाब चाहती है। देश आज अभूतपूर्व आर्थिक संकट, आसमान छूती महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रहा है, लेकिन देश के प्रधानमंत्री एकतरफा संवाद के जरिए अपनी पीठ थपथपाने में लगे हैं। छत्तीसगढ़ और देश की जनता पूछ रही है कि दो करोड़ रोजगार, महंगाई कम करने और किसानों की आय दोगुनी करने के वादों का क्या हुआ? प्रधानमंत्री जी, भाषण देना बंद कीजिए और देश की बदहाली पर सीधे जवाब दीजिए। आखिर कब तक अपनी मन की बात बोलते रहेंगे?
प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि पूरे देश में कमरतोड़ महंगाई ने आम गृहणियों की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। एलपीजी सिलेंडर, पेट्रोल-डीजल, दाल और सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। छत्तीसगढ़ में युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं, और भाजपा सरकार के आने के बाद से प्रशासनिक मोर्चे पर अराजकता की स्थिति है। मोदी सरकार की आर्थिक नीतियां केवल चुनिंदा पूंजीपतियों के मुनाफे के लिए हैं, जबकि आम जनता टैक्स के बोझ तले पिस रही है। मोदी इस पर चर्चा करना जरूरी नहीं समझते।
प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि रोजगार के अवसरों का अभाव और पेपर लीक, भर्ती घोटालों ने युवाओं का भविष्य अंधकारमय कर दिया है। कृषि लागत में भारी वृद्धि, खाद की किल्लत और जल-जंगल-जमीन की लूट से किसान और आदिवासी समाज ठगा हुआ महसूस कर रहा है। लेकिन प्रधानमंत्री जब भी जनता से संवाद करते हैं, वे जमीनी सच्चाइयों से कोसों दूर होते हैं। महंगाई, बेरोजगारी और बढ़ती आर्थिक असमानता पर प्रधानमंत्री के पास कोई जवाब नहीं है, इसलिए वे सिर्फ ध्यान भटकाने वाले भाषण देते हैं। जनता के मन की बात कब होगी?

