स्कूलों में शिक्षकों की कमी और सुविधाओं के आभाव में पढ़ाई प्रभावित – कांग्रेस

रायपुर। स्कूल खुले दो महिने हो गये लेकिन स्कूलों में शिक्षकों की कमी और पढ़ाई नहीं होने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि प्रदेश में लगभग 57 हजार शिक्षकों के पद खाली पड़े है। भाजपा की सरकार ने ढाई सालों में एक भी शिक्षक के नये पद नहीं भरे। उल्टे संविलियन के नाम पर शिक्षकों के पद समाप्त किये गये तथा 10400 से अधिक स्कूल बंद किया गया।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा की सरकार बनने के बाद शिक्षकों की भर्ती की सिर्फ घोषणाएं हुई कार्यवाही नहीं। पूर्व शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने 35,000 शिक्षकों के पद भर्ती करने की घोषणा विधानसभा में किया, नहीं भरे गये। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने वर्ष 2025 के आम बजट में 20 हजार शिक्षक भर्ती की बात कही, नहीं भरे गये। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 5,000 शिक्षक की भर्ती तुरंत निकालने की बात कही, लेकिन आज तक प्रक्रिया शुरू नहीं हुई, नया शिक्षा सत्र भी शुरू हो गया।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि हर महीने सैकड़ो की संख्या में शिक्षक सेवानिवृत हो रहे हैं लेकिन पिछले डेढ़ साल के दौरान एक भी पद पर नियमित शिक्षक की नई नियुक्ति यह सरकार नहीं कर पाई है। हालत यह है कि केवल रायपुर जिले की बात करें तो केवल स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट स्कूलों में ही ढाई सौ से ज्यादा शिक्षकों के पद रिक्त है, नगर निगम के स्कूलों में सहायक शिक्षक, व्याख्याता की भूमिका निभा रहे हैं। पूरे प्रदेश के आंकड़े और भी चिंतनीय है, भाजपा की सरकार की मंशा शिक्षा विरोधी है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि शिक्षकों के साथ स्कूलों में सरकार अभी तक किताबें भी नहीं पहुंचा पाई है। 12,560 से अधिक स्कूल के भवन जीर्ण-शीर्ण है, बरसात में छत टपक रही, बच्चों की पढ़ाई कैसे हो? पीने का साफ पानी, शौचालय जैसी जरूरतों की व्यवस्था नहीं होने के कारण बच्चियां स्कूल छोड़ने को मजबूर है। बेहद शर्मनाक है कि सरकार शिक्षा जैसी महत्वपूर्ण विभाग को नहीं संभाल पा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *