श्रद्धा, भक्ति और संस्कारों का अनुपम संगम — श्रीमद् भागवत कथा का भव्य आयोजन संपन्न

रायपुर ।नगर में आध्यात्मिक चेतना, धार्मिक उल्लास और सांस्कृतिक संस्कारों को सुदृढ़ करने हेतु श्री राम जी का मायरा परिवार संघ द्वारा आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ 4 जनवरी 2026 को हुआ और यह दिव्य आयोजन 11 जनवरी 2026 को हवन, पूर्णाहुति एवं महाप्रसाद वितरण के साथ भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ। कथा का आयोजन अशोका आइकॉन, रिलायंस मार्ट के पास, क्लब हाउस, दलदल सिवनी रोड, मोवा, रायपुर में किया गया, जहाँ प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

कथा का शुभारंभ 4 जनवरी को प्रातः 10 बजे कलश स्थापना के साथ हुआ। वेद मंत्रोच्चार, मंगल ध्वनि और भक्तों की जयकारों के बीच मातृशक्ति द्वारा विधिवत कलश स्थापना की गई। इसके पश्चात प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से सायं 7 बजे तक श्रीमद् भागवत कथा का रसपान कराया गया। कथा प्रवचन श्री धाम अयोध्या जी से पधारे सुप्रसिद्ध कथावाचक आचार्य श्री रवि मोहन जी महाराज द्वारा किया गया। अपने ओजस्वी वाणी, मधुर भजनों और सरल उदाहरणों से उन्होंने भागवत के गूढ़ तत्वों को जन-जन तक पहुँचाया।

कथा के प्रथम दिवस विष्णु-लक्ष्मी चरित्र का सुंदर वर्णन हुआ, जिसमें सृष्टि के पालन, मर्यादा और ऐश्वर्य का भावपूर्ण चित्रण किया गया। द्वितीय दिवस शिव विवाह महोत्सव की कथा ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। तृतीय दिवस वामन अवतार की झांकी प्रस्तुत की गई, जिसने दैत्यराज बलि और भगवान वामन के प्रसंग के माध्यम से विनय और धर्म का संदेश दिया।

7 जनवरी (बुधवार) को श्रीकृष्ण जन्म का प्रसंग कथा का विशेष आकर्षण रहा। नंदोत्सव के दौरान पूरा पंडाल “नंद के आनंद भयो” के जयघोष से गूंज उठा। झांकियों, भजनों और पुष्पवर्षा के बीच भक्तों ने जन्मोत्सव का आनंद लिया। इसके बाद 8 जनवरी को बाल लीला, 9 जनवरी को रुक्मिणी मंगल विवाह, तथा 10 जनवरी को भक्त सुदामा चरित्र का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया गया। सुदामा-श्रीकृष्ण मिलन प्रसंग ने उपस्थित श्रद्धालुओं की आँखें नम कर दीं और सच्ची मित्रता व भक्ति का अनुपम संदेश दिया।

पूरे आयोजन के दौरान वातावरण पूर्णतः सात्त्विक, अनुशासित एवं भक्तिमय रहा। महिलाओं, युवाओं और वरिष्ठजनों की सहभागिता उल्लेखनीय रही। कथा स्थल को आकर्षक सजावट, धार्मिक प्रतीकों और झांकियों से सुसज्जित किया गया था। आयोजन को सफल बनाने में श्री राम जी का मायरा परिवार संघ के संरक्षक श्री सुरेश गोयल जी (खेदडिया) , ठंडीराम गर्ग जी, नवरंगलाल जिंदल जी, तनसुख राय गोयल जी, रमेश मित्तल जी, शकुंतला अग्रवाल जी,शीतल गोयल जी, सहित राम जी का मायरा परिवार संघ के समस्त सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा।

11 जनवरी 2026 को प्रातः 11 बजे हवन एवं पूर्णाहुति का आयोजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आ

हुतियाँ समर्पित कर विश्व कल्याण, शांति और समृद्धि की कामना की गई। इसके पश्चात दोपहर 1 बजे से महाप्रसाद वितरण हुआ, जिसमें समस्त श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। समापन अवसर पर आयोजकों ने कथा प्रवक्ता, सहयोगकर्ताओं एवं उपस्थित जनसमूह के प्रति आभार व्यक्त किया।

यह सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा न केवल एक धार्मिक आयोजन रही, बल्कि समाज में संस्कार, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना का संदेश देने वाला एक प्रेरणादायी पर्व सिद्ध हुई। श्रद्धालुओं ने आयोजकों से भविष्य में भी ऐसे आध्यात्मिक कार्यक्रमों के आयोजन की अपेक्षा व्यक्त की।

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