रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 35 वर्षों से अवैध रूप से रह रहे एक बांग्लादेशी दंपति को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने पकड़ा है. यह दंपति अपने मूल देश बांग्लादेश लौटने की कोशिश में था, जब बीएसएफ ने उन्हें हिरासत में लिया.
दंपत्ति में पत्नी का नाम जैनब तथा पति का नाम शेख इमरान है. पत्नी जैनब को बीएसएफ ने दक्षिण दिनाजपुर के चकगोपाल गांव से सीमा पार करते वक्त पकड़ा है. पति शेख इमरान हिली चेकपोस्ट से बंग्लादेश में घुस चुका था परन्तु पत्नी के पकड़े जाने के बाद उसने वापस आकर बीएसएफ के सामने आत्मसमर्पण कर दिया.
जानकारी के अनुसार, यह दंपति रायपुर में लंबे समय से भारतीय नागरिकों की तरह जीवन जी रहा था. उनके पास से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र, और भारतीय पासपोर्ट बरामद किये गये हैं.
बीएसएफ के एक अधिकारी ने बताया कि दंपति ने ये दस्तावेज संभवतः फर्जी तरीके से हासिल किये थे.
अधिकारियों ने बताया कि रायपुर पुलिस द्वारा अवैध प्रवासियों की पहचान के लिये चलाए जा रहे अभियान के कारण यह दंपति घबराकर बांग्लादेश वापस जाने की योजना बना रहा था. पूछताछ के दौरान, दंपति ने खुलासा किया कि वे 1990 में भारत में अवैध रूप से प्रवेश किये थे और तब से रायपुर में रह रहे थे.
बीएसएफ ने इस मामले में पश्चिम बंगाल पुलिस के साथ मिलकर जांच शुरू कर दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि दंपति ने इतने लंबे समय तक फर्जी दस्तावेजों के साथ भारत में कैसे रह लिया. पुलिस अब उन लोगों की भी तलाश कर रही है, जिन्होंने इस दंपति को फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराये थे.
यह घटना छत्तीसगढ़ में अवैध प्रवासियों के खिलाफ चल रहे अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत राज्य में कई अन्य बांग्लादेशी नागरिकों को भी पकड़ा गया है.

