भारतीय महिला हाकी टीम ने 2026 के विश्वकप में 5वां स्थान पाकर किया गौरवान्वित
आलेख..जसवंत क्लॉडियस, वरिष्ठ स्वतंत्र खेल पत्रकार, टीवी कमेंटेटर, रायपुर. छ ग
भारत की महिला हाकी टीम ने अपने चयन को सही साबित करते हुए हाल ही में सम्पन्न 2026 के विश्वकप हाकी स्पर्धा में पांचवा स्थान प्राप्त किया। महिला हाकी के लिए यह उपलब्धि गौरवशाली है तथा यह हमारे देश की महिला खिलाडिय़ों द्वारा इतिहास में दर्ज किया गया नया कीर्तिमान है। भारतीय महिला टीम को विश्वकप 2026 में खेलने के लिए योग्यता दौर से गुजरना पड़ा था। उस समय भारत की विश्व में 9वीं वरीयता थी और टीम के कोच मनीष जाखड़ थे। परंतु हाकी इंडिया ने भारतीय महिला हाकी के उज्जवल भविष्य को देखते हुए एक ऐसा निर्णय लिया जिसको लेकर कुछ खेल समीक्षकों, पूर्व खिलाडिय़ों द्वारा आपत्ति उठाई गई थी। अब जबकि विश्वकप में भारत ने पांचवा स्थान प्राप्त किया है तब जरूरी है कि बदलाव को लेकर खुल कर बात की जाए। 2026 के योग्यता दौर तक भारतीय महिला टीम ने जिस तरह प्रदर्शन किया था उससे हाकी इंडिया के मूल्यांकनकर्ताओं को एहसास हो गया था कि टीम इंडिया में बड़े बदलाव की जरूरत है अत: सबसे पहले टीम के मुख्य कोच मनीष जाखड़ को ही बदल दिया गया। इस निर्णय की वजह से भारतीय टीम के नये कोच सोइर्ड मारीज ने को नियुक्त किया पहले भी भारतीय हाकी को अपनी सेवाएं दे चुके थे अत: उन्हें यहां के खिलाडिय़ों की प्रतिमा का अनुमान रहा है। उन्होंने योग्यता हासिल करने वाली टीम के प्रदर्शन का अध्ययन किया तो पाया कि टीम में बहुत बदलाव की जरूरत है अगर हमें विश्वकप में अपनी प्रतिष्ठा के अनुरूप खेल दिखाना है तो, अत:
भारतीय टीम जिसने फरवरी 2026 में हैदराबाद में योग्यता हासिल किया था उसमें से छ: खिलाडिय़ों को बदल दिया। 20 में से 6 खिलाडिय़ों को बदलने का अर्थ करीब-करीब एक तिहाई नये/ पुराने खिलाडिय़ों को मौका देना। भारत की ओर से बनारसी सोलंकी, उदीता दोहन, वैष्णव फाल्के , मनीषा चौहान और अनु को बाहर बैठाते हुए वरिष्ठ अनुभवी गोलकीपर सविता पुनिया, शिल्पी
दबास, ज्योति रुपावत,
लालथानलुगी,ब्यूटी डुंगडुंग, दीपिका सहरावत को टीम में शामिल किया। इस तरह नये कोच ने दूरदृष्टि का परिचय देते हुए टीम में फॉरवर्ड, डिफेंडर, गोलकीपर में बदलाव किया जिसका कुछ खेल विशेषज्ञों ने स्वागत किया। परंतु अधिकांश ने रुकते हैं, देखते हैं ,जैसी प्रतिक्रिया दी। आखिरकार परीक्षा की घड़ी आ गई 2022 के जूनियर विश्वकप की कप्तान सलीमा टेटे सहित सात खिलाडिय़ों को पहली बार विश्वकप में खेलने का मौका दिया गया। भारत को 2026 के वरिष्ठ महिला विश्वकप के पहले विश्व में नौंवी वरीयता प्राप्त थी। भारत को पूल डी में चीन, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका के साथ रखा गया था। भारत ने बिना पराजित हूए पूल में दूसरा स्थान प्राप्त किया। भारत ने चीन को 2-2 से रोका, दक्षिण अफ्रीका को 6-1 से हराया तथा इंग को 0-0 से रोका। इस प्रकार दूसरे दौर में भारत को पूल ई में नीदरलैंड्स, आस्ट्रेलिया व चीन के साथ रखा गया। भारत व आस्ट्रेलिया का स्कोर 0-0 रहा जबकि नीदरलैंड ने उसे 0-2 से हराया फिर पांचवे छठे स्थान के लिए जर्मनी से हुए मुकाबले में भारत ने उसे 3-1 से पछाड़कर पांचवा स्थान प्राप्त किया। उपरोक्त परिणाम पर नजर डालने से स्पष्ट हो जाता है कि भारतीय खिलाडिय़ों ने पूरे दमखम से खेल और आपसी समझबूझ व सामंजस्य का परिचय देते हुए बेहतरीन खेल दिखाया। विश्व योग्यता रैंकिंग में भारत को इस जीत से नौंवे से आठवें स्थान पर जगह मिल गई है. उसने अपने से उच्च वरीयता प्राप्त चीन, आस्ट्रेलिया, जर्मनी जैसी सशक्त टीम को पराजित किया। इस तरह कोच को बदलने के साथ महिला टीम के छ: खिलाडिय़ों को बदलने का कोच का निर्णय बिलकुल सहित साबित हुआ। अब अगले महीने होने जा रहे एशियाड 2026 भी टीम के लिए परीक्षा की घड़ी है क्योंकि चौथे, ग्यारहवें, सत्रहवें स्थान पर काबिज टीम क्रमश: चीन, जापान, कोरिया, भारत को जोरदार टक्कर देंगी अब भारत को इस उपलब्धि को भूलकर नये सिरे से तैयारी शुरू करनी होगी।

