नई दिल्ली। पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री इसहाक डार ने पहली बार सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि भारत ने 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत रावलपिंडी स्थित नूर खान एयरबेस और शोरकोट एयरबेस पर एयरस्ट्राइक की थी। यह हमला 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में था जिसमें 26 आम नागरिक मारे गए थे।
डार ने यह खुलासा जियो न्यूज को दिए एक इंटरव्यू के दौरान किया। आपको बता दें कि इससे पहले पाकिस्तान की सरकार और सेना के द्वारा बार-बार हमले से हुए नुकसान को लेकर इनकार किया जाता था। उन्होंने कहा, “हमारे जवाबी हमले की तैयारी हो रही थी, लेकिन भारत ने हमसे पहले कार्रवाई कर दी और हमें चौंका दिया।”
भारत सरकार ने अपने ऑपरेशन को सटीक, मापी गई और गैर-उत्तेजक कार्रवाई करार दिया था। भारत का दावा था कि उसने केवल आतंकी ढांचों और उन ठिकानों को निशाना बनाया, जो सीमा पार से हो रहे हमलों की योजना और समर्थन में शामिल थे।
सऊदी अरब की मध्यस्थता की भूमिका
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बार-बार दावा कर रहे हैं कि उन्होने भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर करवाया। हालांकि भारत ने हर बार उनके दावों को सिरे से खारिज कर दिया। ट्रंप के दावों के उलट इसहाक डार ने बताया कि हमले के तुरंत बाद सऊदी प्रिंस फैसल बिन सलमान ने उनसे संपर्क किया और इच्छा जताई कि वे भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से बात कर भारत-पाक तनाव को कम करने में मदद करें। डार ने कहा, ‘सऊदी प्रिंस फैसल बिन सलमान ने फोन करके पूछा कि क्या वह जयशंकर को बता सकते हैं कि पाकिस्तान रुकने के लिए तैयार है।’

