डेटा लिक को लेकर पालक चिंतित,उठे सवाल!
गरियाबंद।साइबर ठगों ने बोर्ड परीक्षाएं दे रहे छात्रों और पालको को निसाना बनाना प्रारम्भ कर दिया है।बोर्ड परीक्षाओं में पास कराने फला पेपर ने नंबर बढ़ाने का झांसा देकर साइबर ठग ठगी का प्रयास कर रहे है।जिले के कई छात्र छात्राओं को परीक्षा में पास कराने के लिए मोटी रकम उनके परीक्षा फार्म के रजिस्टर नम्बर पऱ फोन द्वारा मांगा जा रहा है।ख़ासकर ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले बच्चो को टारगेट किया जा रहा है ।
बोर्ड परीक्षा में परीक्षा दे रहे छात्र छात्राओं को बकायदा यह ठग अपने ऊपर विश्वास दिलाने के लिए छात्राओं से सम्बधित सभी जानकरी जो उन्होंने ऑन लाइन भरा था उसे विद्यार्थी को बताया जाता है और बकायदा शिक्षा विभाग के रायपुर कार्यालय के कम्प्यूटर ऑपरेटर यह ठग अपने आप को बताते।कहते है आप का पेपर ठीक नहीं बना है मैं आपको पास करा सकता हूँ।इसके लिए आपको हमारे एकाउंट में रूपये ट्रांसफर करना होगा।
*आखिर कंहा से बॉर्ड के फार्म का डाटा लिक हुआ,,,,इन कॉल को लेकर पालको में उहा पोह की स्थिति निर्मित हो गई है, पालको का कहना है कि हमारे बच्चों ने जो जन्मतिथि फोन नंबर अपना नाम अपने पालक का पिता का नाम दिया था यह कॉल करने वाले को कैसे पता यह लोग रजिस्ट्रेशन नंबर तक बता रहे हैं।कंही न कंही शिक्षा विभाग के लोग भी इस रैकेट से जुड़े हो सकते हैं क्योंकि यह जानकारी गुप्त होती है और कंप्यूटर में ही लोड होती है फिर भी यह जानकारी इन फर्जी कॉल करने वालों तक कैसे पहुंची यह एक जांच का विषय है।
*कभी शिक्षा अधिकारी तो कभी डाटा ऑपरेटर बताकर ठगी,,,ठगों द्वारा खुद को शिक्षा मंडल का अधिकारी या डाटा ऑपरेटर की पहचान बताकर नंबर बढ़ाने, पास कराने या कम्प्यूटर में डेटा चेंज का झूठा दावा करते हुये, फीस या चार्ज के नाम पर बैंक एकाउंट या यूपीआई डिटेल्स प्राप्त कर ठगी को अंजाम दिया जा रहा है।
*छत्तीसगढ़ पुलिस ने एडवाइजरी जारी की,,,,इन सब के बीच छत्तीसगढ़ पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर विद्यार्थियों और पालकों से कहा की ठगों के बहकावे में नहीं आना है।अगर ऐसे कॉल आते है तो
तो ऐसे कॉल्स का जवाब न दें और पुलिस को सूचित करें।साथ ही इस संबंध में यदि कोई लिंक प्राप्त होता है तो लिंक को न खोलें।
*छ ग पुलिस ने भी जारी जारी किया प्रेस नोट,,,,,,छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल एवं केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित बोर्ड की परीक्षाएं अभी हाल ही में सम्पन्न हुई हैं,जिसका मूल्यांकन कार्य जारी है। प्राप्त जानकारी अनुसार इन परीक्षाओं में बच्चों को उत्तीर्ण कराने व बेहतर परिणाम का झांसा देकर साइबर ठगों द्वारा ठगने का प्रयास किया जा सकता है।अपनी बैंकिंग जानकारी ओटीपी,यूपीआई डिटेल्स आदि किसी के साथ साझा न करें।ऐसे सूचनाओं की पुष्टि स्कूल या परीक्षा केन्द्र से करें।त्रुटिवश कॉल्स रिसिव कर लेने या लिंक खोलने पर ठगी का शिकार होने की स्थिति में इसकी शिकायत तत्काल साइबर हेल्पलाईन नंबर 1930 पर दर्ज कराते हुए निकटतम पुलिस थानें में इसकी सूचना दें।
बोर्ड के परीक्षार्थियों को साइबर ठग बना रहे निशाना।

