रायपुर। बांग्लादेश में हाल ही में हुए तख्तापलट के बाद अन्य अल्पसंख्यकों के साथ हिन्दुओं की स्थिति और कठिन हो गई है. नृशंस हत्याएं, महिलाओं के अपहरण और मतांतरण की घटनाएं सामने आ रहीं हैं. यह मानवाधिकार का हनन है. हिंदुओं के साथ-साथ अन्य अल्पसंख्यक भी इससे प्रताड़ित हैं. संघ ने ऐसे समय में बांग्लादेश के हिंदुओं के साथ एक साथ खड़े रहने का प्रस्ताव पारित किया है. यह बात राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के मध्यक्षेत्र संघचालक पूर्णेंदु सक्सेना ने कही. प्रांत सरसंघ चालक बाबूलाल वर्मा के साथ प्रेस कांफ्रेंस करते हुए पूर्णेंदु सक्सेना ने बताया कि संघ की सर्वोच्च बॉडी, अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की 21 से 23 मार्च तक बेंगलुरु में बैठक हुई. इसका संचालन दत्तात्रेय होसबोले ने किया. इसमें 40 से ज्यादा संगठनों ने हिस्सा लिया. संघ के कार्य में अभूतपूर्व विकास हुआ है.
पुणेंदु सक्सेना ने बैठक में बांग्लादेश के मुद्दे पर हुई चर्चा की जानकारी देते हुए बताया कि बांग्लादेश में निरंतर बढ़ती जनसंख्या घट गई है, यह चिंता का विषय है. बांग्लादेश से आ रहे वक्तव्य दोनों देशों के बीच मतभेद पैदा कर रहा है. एक जगह पर हुई उथल-पुथल अन्य जगहों को भी प्रभावित करती है. बांग्लादेश के हिंदू समाज ने लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया है. विश्व भर के हिंदू समाज ने उन्हें समर्थन किया है. विश्व भर के अनेक नेताओं ने अपने स्तर पर इसे उठाया है.
बांग्लादेश के हिन्दुओं के साथ खड़ा है संघ

