ढाका में कैसे बना भारत के खिलाफ माहौल

ढाका। बांग्लादेश की राजधानी ढाका में पुलिस ने भारतीय उच्चायोग की तरफ मार्च कर रहे सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को बुधवार को बीच रास्ते में रोक दिया। इस दौरान भारत के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। यह घटनाक्रम भारत के ढाका में अपने उच्चायोग के आसपास सुरक्षा स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताए जाने के कुछ घंटों बाद हुआ। पुलिस ने बताया कि ‘जुलाई यूनिटी’ के बैनर तले मार्च निकाल रहे प्रदर्शनकारियों ने भारत-विरोधी नारे लगाए और पिछले साल जुलाई-अगस्त में छात्रों के नेतृत्व में हुए आंदोलन के बाद देश छोड़कर भागीं अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना व अन्य नेताओं के प्रत्यर्ण की मांग की। पुलिस प्रवक्ता ने बताया, “पुलिस ने उत्तर बड्डा में हुसैन मार्केट के सामने रामपुरा ब्रिज से शुरू हुए मार्च को बुधवार दोपहर रोक दिया।” हालांकि, उन्होंने बताया कि यह वह इलाका है, जहां ज्यादातर विदेशी मिशन स्थित हैं और मार्च के कारण यहां से होकर गुजरने वाली मुख्य सड़क पर वाहनों का आवागमन घंटों तक निलंबित रहा।
स्थानीय मीडिया की खबरों के मुताबिक, मार्च को भारतीय उच्चायोग की तरफ बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेड लगा दिए, जिसके बाद प्रदर्शनकारी भारत के खिलाफ नारे लगाने लगे और हसीना सहित अन्य नेताओं के प्रत्यर्पण की मांग करने लगे।
निजी समाचार एजेंसी ‘यूएनबी’ ने एक प्रदर्शनकारी के हवाले से प्रसारित खबर में कहा, “हम डरने वाले नहीं हैं और हम भारतीय उच्चायोग पर हमला नहीं करेंगे… लेकिन अगर कोई बांग्लादेश पर नियंत्रण कायम करने की कोशिश करता है, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।” प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि “भारत समर्थित राजनीतिक दल, मीडिया संगठन और सरकारी अधिकारी” बांग्लादेश के खिलाफ साजिश रच रहे हैं।

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