नई दिल्ली। सरकार द्वारा नियम को सख्त करने का मकसद दुरुप्रयोग पर रोक, HS कोड का मानकीकरण और आयात प्रॉसेस को ज्यादा पारदर्शी बनाना है. नोटिफिकेशन में यह स्पष्ट किया गया है कि अब कौन इन मेटल को इम्पोर्ट कर सकता है और क्या शर्तें लागू होगी? यह बदलाव इसलिए किया गया है, ताकि इन मेटल्स के इम्पोर्ट को और अच्छे से कंट्रोल किया जा सके और कोई गड़बड़ी न हो.
सरकार ने सोना-चांदी (Gold-Silver) और प्लैटिनम के आयात को लेकर नियम सख्त किए हैं. अब विदेश से सोना-चांदी मंगाना आसान नहीं होगा. विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने 19 मई को एक अधिसूचना जारी की, जिसके मुताबिक इन कीमती धातुओं को ‘रिस्ट्रिक्टेड’ कैटेगरी में डाल दिया गया है. यह कदम वित्त अधिनियम 2025 के तहत उठाया गया है. इस नोटिफिकेशन के बाद से सोने की कीमत में भारी उछाल देखी जा रही है. सरकार द्वारा नियम को सख्त करने का मकसद दुरुप्रयोग पर रोक, HS कोड का मानकीकरण और आयात प्रॉसेस को ज्यादा पारदर्शी बनाना है. नोटिफिकेशन में यह स्पष्ट किया गया है कि अब कौन इन मेटल को इम्पोर्ट कर सकता है और क्या शर्तें लागू होगी? यह बदलाव इसलिए किया गया है, ताकि इन मेटल्स के इम्पोर्ट को और अच्छे से कंट्रोल किया जा सके और कोई गड़बड़ी न हो.
अब विदेश से सोना-चांदी मंगाना आसान नहीं
सरकार ने स्मगलिंग को रोकने के लिए नियम सख्त किए हैं. पहले कुछ खास तरह का सोना आसानी से भारत में आ जाता था, लेकिन नए नियम के अनुसार सोने में 99.5% या उससे ज्यादा प्योरिटी है, तो उसे ‘रिस्ट्रिक्टेड’ कैटेगरी में डाल दिया गया है. इसका मतलब है कि अब इसे मंगाने के लिए सरकार से खास इजाजत लेनी होगी. यह नियम उन Gold पर लागू होगा, जो HS कोड 71081210 और 71081310 के तहत आता है.
चांदी के लिए सख्त नियम
इम्पोर्ट रिस्ट्रिक्ट चांदी की छड़ों तक है, जो पहले 99.9% शुद्धता या उससे अधिक पर स्वतंत्र रूप से आयात हो सकती थीं, लेकिन अब उन्हें HS कोड 71069120 के तहत ‘रिस्ट्रिक्टेड’ कैटेगरी में रखा गया है. आयात केवल RBI अधिसूचित बैंकों, DGFT-नामांकित एजेंसियों और IFSCA-योग्य ज्वैलर्स के माध्यम से IIBX के माध्यम से किया जा सकता है. हालांकि, अर्ध-निर्मित चांदी की छड़ें RBI के नियमों के तहत स्वतंत्र रूप से आयात योग्य बनी हुई हैं.
अब विदेश से सोना-चांदी मंगाना आसान नहीं…

