विजेता बनकर ओलंपिक खेलों में भाग लेने का मौका

एशियाई खेल 2026 जापान के आइची नगोया में 19 सितंबर से 04 अक्टूबर तक होंगे संपन्न
आलेख .. जसवंत क्लॉडियस, वरिष्ठ स्वतंत्र खेल पत्रकार, टीवी कमेंटेटर, रायपुर, छ ग.

जब से भारत के प्रधानमंत्री के रूप में नरेन्द्र मोदी ने पदभार ग्रहण किया है तब से देश की अनेक समस्याओं को सुलझाने के लिए भारत सरकार द्वारा निरंतर कोशिश की जा रही है। इस दृष्टि से भारत को खेल के विश्वमंच पर स्थापित करने के लिए प्रधानमंत्री की कोशिश की जितनी भी सराहना की जाए कम है। भारत के केंद्रीय खेल अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत बजट के अनुसार राशि का आबंटन किया जा रहा है। भारतीय खेल प्राधिकरण नई दिल्ली द्वारा खेलों के अधोसंरचना का निर्माण किया जा रहा है। राष्ट्रीय प्रशिक्षण संस्थान द्वारा ओलंपिक खेलों सहित नान ओलंपिक तथा पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने हेतु बड़ी संख्या में प्रशिक्षक तैयार किए जा रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान खिलाड़ियों को उत्तम से उत्तम आवास, परिवहन, भोजन की सुविधाएं के जा रही है। एक खिलाड़ी को विश्व स्तर के प्रदर्शन के लिए संतुलित आहार की जानकारी आहार विशेषज्ञ दे रहे हैं। शारीरिक रूप से फिट रहने के लिए अत्याधुनिक जिम की व्यवस्था की जा रही है। सबसे बड़ी समस्या प्रतिभावान खिलाड़ियों की जमीनी स्तर पर खोज के लिए खेलो इंडिया मिशन कार्यक्रम हर स्तर पर पूरे भारत में लागू किया जा रहा है। युवाओं को नशीली दवाओं ,पदार्थों से दूर रहने तथा प्रतिबंधित दवा ना लेने के लिए केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया के मार्गदर्शन द्वारा संपूर्ण भारत में जागरूकता शिविर लगाई जा रही है। कहने का तात्पर्य यह है कि प्रधानमंत्री जी ने भारत को 2047 तक खेलों की दुनिया में पहले दस या पांच स्थानों पर पहुंचाने का संकल्प लिया है तो वे इस दिशा में न सिर्फ आर्थिक रूप से मदद कर रहे हैं। बल्कि मार्गदर्शन भी दे रहे हैं। ध्यान देने योग्य बात यह है कि खेलो इंडिया और भारतीय खेल प्राधिकरण को केंद्र सरकार द्वारा 2015-16 से लेकर अब तक लगभग 11 वर्षों में दस हजार करोड़ की राशि स्वीकृत की जा चुकी है। इसका प्रमाण भारत के छोटे बड़े शहरों में कम से कम पांच करोड़ की लागत से 200 से अधिक खेल स्टेडियम बन चुके हैं। भारत में 13 क्षेत्रीय खेल प्रशिक्षण केंद्र हैं जिनमें 9000 से अधिक एथलीट, 1000 से अधिक प्रशिक्षक हैं। यहां 180 से अधिक प्रशिक्षण 12 क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र तथा 20 से अधिक राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र है। प्रधानमंत्री के इस तरह भारत को खेलों की दुनिया में स्थापित करने के प्रयास का परिणाम भी सराहनीय आ रहा है। अब हमारे खिलाड़ियों के लिए जापान में संपन्न होने जा रहे एशियाड 2026 परीक्षा की घड़ी है क्योंकि इसमें सफलता मिलने पर हर भारतीय खिलाड़ी को सीधे ओलंपिक में भाग लेने का अवसर मिलेगा . छत्तीसगढ़ से एशियाड 2026 में शामिल 45 खेलों में से सिर्फ एक टीम खेल कबड्‌डी के लिए कोरबा की संजू देवी का चयन हुआ है . छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और खेलमंत्री अरुण साव ने संजू देवी को विश्वकप कबड्‌डी स्पर्धा में स्वर्ण जीतने पर 50 लाख पुरस्कार के रूप में दिया है। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित उत्कृष्टता केंद्र में कबड्‌डी प्रशिक्षक दिल राठौर की अगुवाई में प्रशिक्षण प्राप्त करके संजू देवी ने भारत की वरिष्ठ महिला कबड्‌डी टीम में जगह बनाई है। खेलों में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी निकलना कोई आसान बात नहीं है।संजू देवी के लगातार त्याग, मेहनत,अभ्यास, अनुशासन की बदौलत यह उपलब्धि हासिल की है। उसके लिए संजू देवी भी बधाई की पात्र है । लेकिन अभी ओलंपिक में शामिल दूसरे
खेलो में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को लगन के साथ आगे आना होगा। एशियाड के 45 में से सिर्फ एक नहीं परंतु कम से कम सात आठ खेलों में हमारे प्रदेश की युवा शक्ति अपना जौहर दिखा सकने की स्थिति में है अत: सभी खिलाड़ियों, अभिभावकों ,
प्रशिक्षकों को संकल्प लेना चाहिए कि वे प्रधानमंत्री के सपने को साकार करने में साथ देंगे।

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