क्रिकेट : इंडियन प्रीमियर लीग -2026, बेंगलुरू बना लगातार दूसरी बार विजेता
जसवंत क्लॉडियस, वरिष्ठ स्वतंत्र खेल पत्रकार, टीवी कमेंटेटर, रायपुर, छत्तीसगढ़
भारतीय उपमहाद्वीप की सबसे लोकप्रिय और सफल लीग का समापन विगत दिनों हो गया। किकेट के टी-20 प्रारूप पर आधारित इंडियन प्रीमियर लीग (आई पी एल)को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने भी मान्यता दी है। दस टीम के बीच 28 मार्च से 31 मई तक चली प्रतियोगिता बेहद रोचक थी। 2008 से आरंभ यह लीग 2026 तक निरंतर प्रतिवर्ष आयोजित होती है। जब कभी भारतीय क्रिकेट का इतिहास लिखा जायेगा तो भारतीय टीम के महान कप्तान कपिल देव और 1983 के हमारे क्रिकेट खिलाडिय़ों को जिन्होंने विश्व विजेता बनने की घटना को अंजाम दिया हमेशा याद किया जाएगा।सही मायने में 1983 में भारतीय क्रिकेट टीम द्वारा कप्तान कपिल देव की अगुवाई में चैंपियन बनना भारतीय क्रिकेट इतिहास का टर्निंग प्वाइंट भी साबित हुआ। 1983 से भारत की युवा पीढ़ी क्रिकेट को इतना प्रभावित किया कि हमारे देश के कोने-कोने तक जहां भी चले जाइए वहां क्रिकेट खेलते हुए बच्चे, युवा मिल जाएंगे। इसी प्रसिद्धि का लाभ उठाते हुए खेल प्रशासक ललित मोदी व उनके साथियों ने 2008 से भारत में इंडियन प्रीमियर लीग की नींव रखी जो कि टी-20 प्रारूप में खेली जाती है। हमारे देश में जून से सितम्बर माह तक बारिश का मौसम होता है तथा बाकी आठ माह गर्मी व सर्दी की होती है। अत: इस परिस्थिति में आईपीएल को भारत में सम्पन्न कराने में कोई परेशानी नही हुई। साथ ही क्रिकेट प्रशासकों, आयोजकों ने इस प्रतियोगिता से धन कमाने का मार्ग भी खोल दिया. भारत में भी पहले से ही बड़े-बड़े सर्व सुविधा युक्त स्टेडियम का निर्माण कराया था. 2026 में इस स्पर्धा के अंतर्गत 74 मैच तेरह शहरों के स्टेडियम में सम्पन्न हुए। हमारे देश और निवासियों के लिए गौरव की बात है और गर्व का विषय है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के द्वारा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम में 2026 के निर्धारित दो मैच हुए। दोनों ही मैच में 60 से 45 हजार दर्शकों ने मैच का आनंद लिया। मैच के दौरान स्टेडियम व्यवस्थित था खेल प्रेमियों ने खेल अनुशासन का पालन किया और मैच के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई। इसतरह के आयोजन के लिए सचमुच आयोजकों व दर्शक बधाई के पात्र हैं। इस तरह के उदाहरण से आगे आने वाले समय में रायपुर में और अधिक अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैच होने की संभावना बढ़ गई है। 2026 के आईपीएल के इस संस्करण ने 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी जैसे अत्यंत प्रतिभाशाली क्रिकेटर की खोज हुई वहीं भारत के गेंदबाजों में प्रतिभा की कमी नजर आई। स्पर्धा में जय या पराजय एक के दो पहल होती है। इस दृष्टि से किंग्स इलेवन पंजाब की टीम सबसे दुर्भाग्यशाली साबित हुई। पंजाब के खिलाडिय़ों ने शानदार खेल दिखाते हुए पहले सात में 6 मैच जीते लिए ,एक मैच बारिश के बारिश के कारण रद कर दिया गया। इसके बाद पंजाब की टीम लगातार 6 मैच में विपक्षित से परास्त हो गई। 14वां मैच जीतकर वह पहले चार में जगह बनाने में असफल रही। 16 मैच में 776 रन बनाने वाले वैभव सूर्यवंशी को ऑरेंज कैप और सर्वश्रेष्ठ उभरता हुआ खिलाड़ी चुना गया। वैभव का बल्लेबाजी में स्ट्राइकिंग दर 237.31 सर्वाधिक रही। जबकि 16 मैच में 72 छक्के लगाकर क्रिस गेल के एक सत्र में 65 छक्के लगाने के कीर्तिमान को भंग कर दिया। रोहित शर्मा, सूर्यकुमार, हार्दिक पाड्या की असफलता ने मुंबई की टीम को डूबाकर रख दिया। गेंदबाजी में भारत के भुवनश्वर कुमार ने 37 वर्ष की उम्र में भी कमाल की गेंदे डालकर 28 विकेट लिये । विदेशी गेंदबाज में कसिगो रबाडा ने दक्षिण अफ्रीका की शान सर्वाधिक 29 विकेट लेकर बढ़ा दी। दूसरी तरफ इंग्लैंड के जोफर आर्चर ने 25 विकेट लेकर अपने चयन को सच साबित किया। आईपीएल के माध्यम से विदेश और भारत के खिलाडिय़ों ने पैसा बनाया। कम उम्र में बड़ी राशि कमाने का साधन भारत में अब आईपीएल हो गया है। इस टूर्नामेंट की सुव्यवस्थित तैयारी और उसके क्रियान्वयन की वजह से आईपीएल से जुड़े समप्त पदाधिकारी बधाई के पात्र हैं। भारत में अन्य खेल के कर्णधारों को क्रिकेट के इस लीग की सफलता से सबक लेना चाहिए और आने वाले दिनों में जैसे कबड्डी, रोलबाल, हैंडबाल, फुटबाल हाकी में लगी स्पर्धा आरंभ हुई है वैसे ही अन्य खेलों में भी प्रारंभ करना चाहिए।

