डैम किनारे जमीन धंसने से लापता शोभाराम का 48 घंटे बाद भी कोई सुराग नहीं

सरायपाली। ग्राम रक्सा में स्टाफ डैम के किनारे जमीन धंसने से लापता हुए शोभाराम का 48 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिल सका है। गुरुवार सुबह हुई भारी बारिश के बाद खेत देखने गए शोभाराम के साथ यह हादसा हुआ, जब डैम के किनारे की जमीन अचानक धंस गई और वह उसमें समा गए। घटना के बाद से स्थानीय प्रशासन, रेस्क्यू टीम और जेसीबी की मदद से मिट्टी हटाने का कार्य लगातार जारी है, लेकिन अब तक न तो शोभाराम का कोई निशान मिला है और न ही उनके कपड़े या चप्पल जैसे कोई सामान बरामद हुआ है।
रेस्क्यू ऑपरेशन में महासमुंद से आई विशेष गोताखोर टीम डैम के तेज बहाव वाले पानी में शोभाराम की तलाश कर रही है। इसके साथ ही, धंसी हुई जमीन को जेसीबी के माध्यम से हटाने का काम भी पिछले 48 घंटों से चल रहा है। बचाव दल को इस कार्य में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। डैम के उलट तेज बहाव और स्टॉप डैम का हिस्सा होने के कारण मिट्टी को अधिक मात्रा में हटाने से डैम की नींव कमजोर होने का खतरा बना हुआ है। प्रशासन इस बात को लेकर सतर्क है कि अत्यधिक मिट्टी हटाने से डैम को नुकसान पहुंच सकता है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।
घटना के बाद से यह अंदेशा जताया जा रहा है कि शोभाराम संभवतः धंसी हुई जमीन में ही दब गए होंगे। रेस्क्यू टीम का मानना है कि यदि वह बहते पानी में बह गए होते, तो उनके कपड़े या चप्पल जैसे कुछ निशान जरूर मिले होते। इस संभावना को ध्यान में रखते हुए मिट्टी हटाने का कार्य सावधानीपूर्वक किया जा रहा है। बचाव दल के सामने दोहरी चुनौती है – एक ओर शोभाराम की जान बचाने की जिम्मेदारी, तो दूसरी ओर डैम की संरचना को सुरक्षित रखने की आवश्यकता। घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), तहसीलदार, थाना प्रभारी और पटवारी सहित कई अधिकारी पिछले दो दिनों से घटनास्थल पर डटे हुए हैं। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय विधायक भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन ने शोभाराम को ढूंढने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी है और सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर गहरा दु:ख और चिंता है। शोभाराम के परिवार के लिए यह समय बेहद कठिन है,क्योंकि 48 घंटे बाद भी कोई ठोस जानकारी नहीं मिली है। ग्रामीणों का कहना है कि डैम के किनारे बारिश के कारण पहले भी मिट्टी धंसने की घटनाएं हो चुकी हैं और इस बार भारी बारिश ने स्थिति को और गंभीर कर दिया।

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