सुपरिचित कथाकार एवं पत्रकार शिवनाथ शुक्ल की नवीनतम कहानी ‘मिष्टी की डायरी’ का प्रसारण 2 नवम्बर को प्रातः 9 बजे आकाशवाणी रायपुर से साहित्यिक कार्यक्रम ‘कथायन’ के अंतर्गत किया जाएगा।
समकालीन सामाजिक मूल्यों, बदलती पारिवारिक परिस्थितियों और बाल मनोविज्ञान को केंद्र में रखकर रची गई यह कहानी बच्चों के जीवन, उनकी सोच और अभिभावकों की जिम्मेदारियों के विभिन्न पहलुओं को संवेदनशीलता के साथ उजागर करती है।
कहानी में कथाकार ने दो भिन्न परिवेशों में पल रहे बच्चों के माध्यम से आज के समाज की एक महत्वपूर्ण तस्वीर प्रस्तुत की है। एक ओर जहां मोबाइल की बढ़ती लत बच्चों को पारिवारिक संस्कारों और सामाजिक मूल्यों से दूर कर रही है, वहीं दूसरी ओर ऐसे बच्चे भी हैं, जो अपने परिवार, सामाजिक परिवेश और अभिभावकों के प्रति संवेदनशील होने के साथ-साथ समाज एवं देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी समझते हैं।
इन्हीं दो विपरीत विचारधाराओं और बाल मन के अंतर्द्वंद्व को आधार बनाकर कहानी का ताना-बाना बुना गया है। कहानी कई विचारोत्तेजक सवाल भी उठाती है, क्या बच्चों की संवेदनशील सोच वास्तविकता का रूप ले पाती है? क्या उनके छोटे-छोटे प्रयास समाज पर अपनी कोई सकारात्मक छाप छोड़ पाते हैं?
इन सवालों के जवाब कहानी के श्रवण के साथ ही सामने आएंगे। बाल मन की सहजता, पारिवारिक संस्कारों और सामाजिक उत्तरदायित्व के विविध पक्षों को रेखांकित करती ‘मिष्टी की डायरी’ श्रोताओं के लिए एक संवेदनशील और विचारणीय साहित्यिक प्रस्तुति होगी।

