सेवा की कहानी : सेवा सेतु शिविर बना उम्मीद का सेतु, आवेदन के बाद तत्काल मिला ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र

सेवा की कहानी : सेवा सेतु शिविर बना उम्मीद का सेतु, आवेदन के बाद तत्काल मिला ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र

एक ही स्थान पर पूरी हुई प्रक्रिया, समय और अनावश्यक भागदौड़ से मिली राहत

रायपुर । नागरिकों को शासकीय सेवाएं सरल, सहज और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने की दिशा में सेवा सेतु शिविर उपयोगी माध्यम बन रहे हैं। विभिन्न सेवाओं से जुड़ी प्रक्रियाएं एक ही स्थान पर पूरी होने से नागरिकों को कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलने के साथ समय की भी बचत हो रही है। ऐसी ही सुविधा का लाभ दुर्ग जिले के फर्स्ट बटालियन एसएफ लाइन, वार्ड क्रमांक-60 निवासी श्री अमन प्रताप सिंह बघेल को मिला, जिन्हें शिविर में आवेदन करने के बाद तत्काल ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।

श्री बघेल ने विवेकानंद सभागार में आयोजित सेवा सेतु शिविर में ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था। आवश्यक दस्तावेजों की जांच और निर्धारित प्रक्रिया शिविर स्थल पर ही पूरी की गई तथा उन्हें तत्काल प्रमाण पत्र उपलब्ध करा दिया गया। श्री बघेल ने बताया कि सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इसके माध्यम से पात्र व्यक्ति शासन द्वारा निर्धारित प्रावधानों के अनुसार विभिन्न अवसरों का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सामान्यतः प्रमाण पत्र बनवाने के लिए संबंधित कार्यालय में आवेदन, दस्तावेजों की जांच और प्रमाण पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया में समय लगता है, लेकिन सेवा सेतु शिविर में पूरी प्रक्रिया एक ही स्थान पर पूरी हो गई।

तत्काल प्रमाण पत्र मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए श्री बघेल ने कहा कि सेवा सेतु शिविर के माध्यम से शासन की सेवाएं नागरिकों के और करीब पहुंच रही हैं। इससे उनका समय बचा और अनावश्यक भागदौड़ से भी राहत मिली। उन्होंने इस सुविधा के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। सेवा सेतु शिविरों के माध्यम से नागरिकों को विभिन्न शासकीय सेवाओं का लाभ सुगमता से उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। एक ही स्थान पर आवेदन से लेकर निराकरण तक की सुविधा मिलने से ये शिविर जनसेवा को सरल, सहज और त्वरित बनाने की दिशा में प्रभावी माध्यम साबित हो रहे हैं।

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