निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर गुरुवार को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित त्रिवेणी संगम में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। सुबह से ही हजारों श्रद्धालु संगम तट पर पहुंचे और गंगा, यमुना तथा अदृश्य सरस्वती के संगम में पवित्र स्नान कर भगवान से सुख-समृद्धि, परिवार की खुशहाली और विश्व शांति की कामना की।
संगम में स्नान करने पहुंचे एक श्रद्धालु ने बताया, “आज निर्जला एकादशी का पवित्र पर्व है। हम त्रिवेणी संगम में स्नान करने आए हैं। स्नान के बाद पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान भी किए हैं। यह दिन बेहद पुण्यदायी माना जाता है।” निर्जला एकादशी, जिसे भीमसेनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है, हिंदू धर्म में सबसे महत्वपूर्ण एकादशियों में से एक मानी जाती है। इस अवसर पर श्रद्धालु बिना जल और अन्न ग्रहण किए व्रत रखते हैं और भगवान विष्णु की आराधना करते हैं।
प्रयागराज में इस पर्व को लेकर विशेष धार्मिक उत्साह देखने को मिला। मंदिरों और घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरे क्षेत्र में भक्ति का माहौल बना रहा। वहीं, इस पर्व के महत्व पर जानकारी देते हुए पुरोहित गोपाल दास जी महाराज ने कहा, “आज भीमसेनी एकादशी यानी निर्जला एकादशी है। ऐसी मान्यता है कि इस व्रत को रखने से पूरे वर्ष की सभी एकादशियों के बराबर पुण्य प्राप्त होता है।”

