एनडीए ने बिहार की बिगड़ी शिक्षा को संवारा: मोदी

पटना,4 अक्टूबर। पीएम मोदी ने बिहार की बदहाल शिक्षा व्यवस्था के लिए कांग्रेस-आरजेडी को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि इसी के कारण लोगों को दूसरे राज्यों में पलायन करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि ढाई दशक पहले उनके शासन में न तो स्कूल खुले और न ही भर्तियां हुईं, जिससे लाखों युवा शिक्षा व रोजगार के लिए बाहर जाने को मजबूर हुए। प्रधानमंत्री ने वर्तमान नीतीश कुमार सरकार द्वारा शिक्षा में सुधार और रोजगार सृजन की सराहना भी की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को बिहार की “बर्बाद” शिक्षा व्यवस्था के लिए कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पर निशाना साधा और इसे लोगों के दूसरे राज्यों में पलायन का कारण बताया। राष्ट्रीय राजधानी स्थित विज्ञान भवन में कौशल दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने आरोप लगाया कि बिहार में कांग्रेस-राजद शासन के दौरान न तो स्कूल खुले और न ही कोई भर्तियाँ हुईं। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी को शायद अंदाज़ा नहीं होगा कि ढाई दशक पहले बिहार में शिक्षा व्यवस्था कितनी बदहाल थी। न स्कूल खुले थे, न ही भर्तियाँ हुईं। कौन माता-पिता नहीं चाहेगा कि उसका बच्चा यहाँ पढ़े और आगे बढ़े? लेकिन मजबूरी में लाखों बच्चे बिहार छोड़कर वाराणसी, दिल्ली और मुंबई जाने को मजबूर हुए। यहीं से पलायन की असली शुरुआत हुई। मोदी ने राज्य में शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और एनडीए सरकार की सराहना की। उन्होंने कहा, “सौभाग्य से बिहार की जनता ने नीतीश कुमार को सरकार की जिम्मेदारी सौंपी और हम सब इस बात के गवाह हैं कि कैसे एनडीए की पूरी टीम ने मिलकर बिगड़ी हुई व्यवस्था को पटरी पर लाया।” बिहार में जन नायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय के उद्घाटन सहित 62,000 करोड़ रुपये से अधिक की युवा-केंद्रित पहलों का शुभारंभ करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “मुझे खुशी है कि आज के कौशल दीक्षांत समारोह में बिहार को एक नया कौशल विश्वविद्यालय मिला है। नीतीश कुमार की सरकार ने इस विश्वविद्यालय का नाम भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर के नाम पर रखा है।” प्रधानमंत्री ने राजद-कांग्रेस शासन की तुलना में 10 लाख स्थायी सरकारी नौकरियाँ पैदा करने और शिक्षा बजट बढ़ाने के लिए बिहार सरकार की सराहना की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “पिछले दो दशकों में, बिहार सरकार ने बिहार में 50 लाख युवाओं को रोज़गार से जोड़ा है। पिछले कुछ वर्षों में ही बिहार के युवाओं को लगभग 10 लाख स्थायी सरकारी नौकरियाँ दी गई हैं।” उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार बिहार के युवाओं की क्षमता को और निखारने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। राजद-कांग्रेस शासन की तुलना में बिहार का शिक्षा बजट कई गुना बढ़ा दिया गया है। आज बिहार के लगभग हर गाँव में एक स्कूल है। चाहे इंजीनियरिंग कॉलेज हों या मेडिकल कॉलेज, इनकी संख्या भी कई गुना बढ़ गई है।

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