लखनऊ। राजधानी लखनऊ में हाथ में कलावा बांध, माथे पर तिलक लगाकर कमरुल हक ने खुद को विवेक बना हिंदू युवती को फंसाया। उससे आर्य समाज मंदिर में विवाह किया। नौकरी के बहाने ढाई साल पहले भाग गया। पीड़िता खोजते हुए हरदोई पिहानी स्थित उसके घर पहुंची। वहां खुलासा हुआ कि जिसे वह आठ साल से पति विवेक मान रही थी, वह कमरुल हक है और शादीशुदा है। पीड़िता की तहरीर पर रहीमाबाद पुलिस ने आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह रहीमाबाद की रहने वाली सामाजिक कार्यकर्त्री है। ब्लॉक स्तर पर महिलाओं की पेंशन व अन्य जरूरत के दस्तावेज बनवाने का काम करती थी। एक दिन अंजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने विवेक नाम बताते हुए पेंशन की जानकारी ली। इसके बाद उसका फोन कई दिनों के अंतराल में चार से पांच बार आया, मिलने को कहा। मना करने पर दबाव बनाने लगा । एक दिन वह घर आ गया और शादी का प्रस्ताव रखा। फिर दबाव बनाने लगा। बताया कि वह विवेक रावत है। पिता का नाम रामपाल रावत है। हरदोई के पिहानी दहेलिया का रहने वाला है। ट्रैवेल एजेंसी चलाता है।
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि कमरुल हक पूजा करता था, माथे पर तिलक लगाता था। हाथ में कलावा बांधता था। इसलिए उस पर शक नहीं हुआ। उसने इसका फायदा उठाया और शादीशुदा होने के बाद भी विवाह कर लिया। पीड़िता का आरोप है कि पिहानी में कमरुल हक के परिजनों ने जानलेवा हमला कर दिया था। भागकर खुद को बाथरूम में बंद कर लिया था। 1090 पर सूचना दी तो पुलिस ने पहुंचकर बाथरूम से निकाला था।
कमरुल बना विवेक, हिंदू युवती को फंसाकर की शादी

