किसान सम्मान निधि से खेती को मिला आर्थिक संबल

किसान सम्मान निधि से खेती को मिला आर्थिक संबल

हर चार माह में 2 हजार रुपये की किस्त से मिल रही राहत
एमसीबी के किसान संतोष कुमार ने जताया आभार

रायपुर । प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों के लिए आर्थिक संबल साबित हो रही है। योजना के तहत पात्र किसानों को प्रतिवर्ष 6 हजार रुपये की सहायता तीन किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से दी जा रही है। हर चार माह में मिलने वाली 2 हजार रुपये की किस्त से किसान खेती से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा कर रहे हैं।
मनेंद्रगढ़ विकासखंड के ग्राम भल्लौर निवासी किसान संतोष कुमार कुशवाहा ने बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ नियमित रूप से मिल रहा है। उनके अनुसार, योजना के तहत मिलने वाली सालाना 6 हजार रुपये की राशि खाद, बीज, कृषि सामग्री तथा खेती से जुड़ी अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में उपयोगी साबित हो रही है। पहले खेती के दौरान आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब मिलने वाली सहायता से कृषि कार्य बेहतर ढंग से पूरे हो रहे हैं।
संतोष कुमार ने कहा कि किसान सम्मान निधि योजना किसानों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक सहयोग है। खेती के समय मिलने वाली यह राशि जरूरतों को पूरा करने में सहायक होती है और कृषि कार्यों को सुचारु रूप से आगे बढ़ाने में मदद करती है।
उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों के हित में संचालित इस योजना से देशभर के किसानों को लाभ मिल रहा है। साथ ही मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का भी धन्यवाद देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार किसानों के हित में अनेक योजनाएं संचालित कर रही है, जिससे किसानों को आर्थिक मजबूती मिल रही है।
संतोष कुमार ने प्रदेश सरकार की कृषि उन्नति योजना की सराहना करते हुए कहा कि धान की खरीदी 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से होने से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल रहा है। इससे किसानों को अपनी मेहनत का सही मूल्य प्राप्त हो रहा है और खेती के प्रति उनका विश्वास भी बढ़ा है।
संतोष कुमार कुशवाहा ने कहा – प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से मिलने वाली राशि खेती के समय बहुत काम आती है। इससे खेती से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में सहायता मिलती है। सरकार द्वारा किसानों के हित में चलाई जा रही योजनाओं से हमें काफी लाभ मिल रहा है और अब हमें महसूस हो रहा है कि हमारी मेहनत को सही सम्मान मिल रहा है।

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