जोश तो बनाए रखें परंतु बचे अनुशासनहीनता से

Jaswant Claudius

इंडियन प्रीमियर लीग: 2026 के अंतर्गत आज मुंबई इंडियंस वि.रायल चैलेंजर्स बेंगलुरु का मैच

जसवंत क्लॉडियस, वरिष्ठ खेल पत्रकार, टीवी कॉमेंटेटर

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज फिर इतिहास लिखा जायेगा। यहां पर भारत और विदेशी खिलाड़ियों से शामिल दो क्रिकेट टीम रायल चैलेंजर्स बेंगलूरू तथा मुंबई इंडियंस के बीच इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) चैंपियनशिप के अंतर्गत मुकबला होगा।
मेरी खेल पत्रकारिता के पिछले 47 वर्षों के दौरान 20 वीं सदी में छत्तीसगढ़ में किसी भी खेल में दो देशों के बीच संभवतः कोई अधिकृत मैच का आयोजन नहीं हुआ ।21 वीं सदी का आरंभ छत्तीसगढ़ के निवासियों के साथ खिलाड़ियों, खेलसंघ के पदाधिकारियों लिए खुशियों का अंबार लेकर आया जबकि मध्यप्रदेश से पृथक होकर छत्तीसगढ़ नया राज्य बना.राज्य बनते ही रायपुर में अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं के आयोजन का दौर प्रारंभ हुआ. सबसे पहले एशियाई शतरंज चैंपियनशिप फिर कैरम की अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धा हुई। लेकिन यह क्रम थम गया, इसकी सबसे बड़ी वजह उस समय छत्तीसगढ़ में खिलाड़ियों,खेल संघ के पदाधिकारियों आदि के लिए स्पर्धा के मापदंड अनुरूप विश्व स्तरीय मैदान, एरिना, कोर्ट, रिंग , पिच, फील्ड का ना होना प्रमुख था। इसके अलावा हवाई मार्ग संपर्क ,हवाई अड्‌डा तथा ठहरने के लिए गाइड लाइन के अनुसार होटल आदि की उपलब्धता नहीं होना प्रमुख कारण था। शतरंज और कैरम तो इंडोर हाल में खेले गये जिससे खिलाड़ियों,आयोजकों को कोई परेशानी नहीं हुई परंतु हाकी क्रिकेट,एथलेटिक्स,बेडमिंटन,टेबल टेनिस सायकलिंग,मुक्केबाजी, टेनिस, बास्केटबाल, वालीबाल आदि खेलों के अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता के आयोजन के लिए विशेष तरह के सतह वाले इंडोर स्टेडियम की जरूरत होती है। खुशी की बात है कि छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद यहां पर खेलकूद की अधोसंरचना का निर्माण लगातार हो रहा है। हाकी की सबसे प्रतिष्ठित चैंपियनशिप 2014-15 हाकी एफआईएच हाकी वर्ल्ड लीग फाइनल का आयोजन रायपुर छत्तीसगढ़ में हुआ था। इसी तरह हमारे प्रदेश में क्रिकेट के एक दिवसीय, टी-20 प्रारूप में अंतर्राष्ट्रीय मैच हो चुके हैं। टेनिस में विश्व टेनिस संघ द्वारा मान्यता प्राप्त जूनियर वर्ग की स्पर्धा लगातार हो रही है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर की हाफ मेराथन, आमंत्रण बैडमिंटन इस तरह करीब सात आठ खेलों की अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धा संपन्न हो चुकी है। यह सच है कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के साथ ही पिछले 25 वर्षों में खेलकूद को अपनाने वालों के समक्ष आगे बढ़ने, अपनी खेल प्रतिभा को आंकने नये-नये खेलों को अपनाने का जो अवसर आया वह आगे भी आता रहेगा।
दूसरी तरफ भारतीय क्रिकेट टीम ने 1983 में कपिल देव के नेतृत्व में क्रिकेट विश्वकप को जीता उसके बाद हमारे देश में क्रिकेट के लोकप्रियता की जो लहर चली उसने छत्तीसगढ़ के बच्चों से लेकर युवाओं तक को प्रभावित किया।

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इस दौरान राजधानी रायपुर में 103 करोड़ की लागत से 65 हजार दर्शक क्षमता वाले अत्याधुनिक सुविधायुक्त खूबसूरत स्व. वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण 2008 में हुआ। प्रसिद्ध राजनेता और खेल प्रशासक राजीव शुक्ला के छत्तीसगढ़ से राज्यसभा के सदस्य चुने जाने और उनकी दिलचस्पी के कारण यहां पर पिछले तीन- चार वर्षों से क्रिकेट की अधिकृत अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धाएं हो रही हैं। आज भारत की सबसे लोकप्रिय इंडियन प्रीमियर लीग के अंतर्गत आर.सी.बी. तथा एम.आई. क्रिकेट टीम के बीच टी-20 का मुकाबला रायपुर में होने जा रहा है। इस टीम के कप्तान इंदौर के रजत पाटिदार हैं और प्रमुख खिलाड़ी विराट कोहली, भुवनेश्वर कुमार, जोश हेजलवुड हैं जबकि मुंबई इंडियन की टीम के कप्तान हार्दिक पांड्या हैं साथ ही रोहित शर्मा, तिलक वर्मा, सूर्य कुमार यादव, शार्दुल ठाकुर, रायन निकल्टन, क्वांटम डी काक, जसप्रीत बुमराह, ट्रेंट बोल्ट, मिशेल सेंटनर शामिल हैं।
10 मैच के बाद अंक तालिक में आरसीबी ने 10 मैचम से 06 जीत 04 पराजय के साथ 12 अंक अर्जित किए हैं। जबकि एमआई ने इस सत्र में बहुत खराब प्रदर्शन किया है और 10 मैच में से सिर्फ 3 में सफलता की है, जबकि 7 मैच में वह परास्त हुई है। उसके कुल 6 अंक हैं और 10 टीम की इस चैंपियनशिप में एमआई नौवें नंबर पर है। आरसीबी के लिए यह मैच जीतना जरूरी है क्योंकि वह फिलहाल चौथे स्थान पर है। ध्यान देने वाली और मुद्दे की बात यह है कि कोई टीम जीते या हारे समर्थक तो खुश या निराश होंगे। पसंद की टीम की हार- जीत चाहे किसी बल्लेबाज, गेंदबाज या क्षेत्ररक्षक के कारण हो सबसे बड़ा पाठ दर्शकों के लिए है कि ऐसे परिणाम से अपना आपा खोना नहीं है।छत्तीसगढ़ के खेल का भविष्य बहुत उज्जवल है अत: स्टेडियम में या स्टेडियम के बाहर कहीं के भी दर्शक हो। हमें अपने प्रदेश, देश की प्रतिष्ठा को बनाए रखने के लिए कोई भी अनावश्यक प्रदर्शन या अनुशासनहीनता नहीं दिखाना है, ऐसे करने से शायद वर्तमान खेल प्रेमियों का कोई नुकसान न हो परंतु आने वाली पीढ़ी को हानि होगी। निर्णय होने से पहले अंतिम गेंद फेंके जाने तक दिल थामकर बैठिये. आने वाला भविष्य नन्हें मुन्नों का है.हमारी शालीनता से और मैच होते रहेंगे अतः उन्हें संवरने दीजिए ताकि वे मैच देखकर सीख सके और अपना भविष्य उज्ज्वल कर सके .

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