मनोरंजन के साथ जीवनोपयोगी कौशल, आत्मनिर्भरता और व्यावहारिक ज्ञान सीखने का मिला अवसर
तिल्दा, रायपुर। जे. बी. स्कूल, तिल्दा द्वारा विद्यार्थियो की अनुभवात्मक शिक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 23 से 27 अक्टूबर 2026 तक अहमदाबाद का शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया। यह यात्रा विद्यार्थियों के लिए ज्ञान, मनोरंजन, रोमांच और नई जानकारियाँ प्राप्त करने का एक यादगार अनुभव रही।
इस भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को अहमदाबाद के प्रमुख ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, वैज्ञानिक और दर्शनीय स्थलों को देखने तथा उनके महत्व को समझने का अवसर मिला। विद्यार्थियों ने अक्षरधाम मंदिर, अमूल फैक्ट्री, स्टेच्यू ऑफ यूनिटी, साबरमती आश्रम, साबरमती रिवरफ्रंट, अटल ब्रिज, कांकरिया झील, गुजरात साइंस सिटी, अदलज की बावड़ी, जैसे प्रमुख स्थलों का भ्रमण किया और अहमदाबाद की ऐतिहासिक विरासत, स्थापत्य कला, विज्ञान, संस्कृति और आधुनिक विकास को समझा।
विद्यार्थियों ने इस यात्रा का भरपूर आनंद लिया। यात्रा के दौरान उन्होंने अपने मित्रों के साथ समय बिताने, समूह में कार्य करने, समय प्रबंधन, अनुशासन, सहयोग, जिम्मेदारी और आत्मनिर्भरता जैसे महत्वपूर्ण जीवनोपयोगी कौशलों को व्यवहार में सीखने का अवसर प्राप्त किया। नए स्थानों को देखना, विभिन्न अनुभवों से गुजरना और अपने दैनिक परिवेश से बाहर निकलकर सीखना उनके लिए एक समृद्ध अनुभव रहा।
इस रोमांचक यात्रा को अभिभावकों ने भी सराहा। अभिभावकों ने कहा कि ऐसी यात्राएँ बच्चों को केवल मनोरंजन ही नहीं देतीं, बल्कि उनके व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास, सामाजिक व्यवहार और व्यावहारिक समझ को भी मजबूत बनाती हैं। इस प्रकार के अनुभव बच्चों को स्वतंत्र रूप से सोचने, परिस्थितियों को समझने और जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करते हैं।
विद्यालय द्वारा इससे पूर्व भी विशाखापत्तनम, हैदराबाद, जयपुर और दिल्ली जैसे प्रमुख शहरों के शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किए जा चुके हैं। इन यात्राओं के माध्यम से विद्यार्थियों को देश की ऐतिहासिक धरोहर, विविध संस्कृति, आधुनिक विकास और विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों को करीब से जानने का अवसर मिलता रहा है। विद्यालय का प्रयास है कि विद्यार्थियों की शिक्षा केवल पुस्तकों और पाठ्यक्रम तक सीमित न रहे, बल्कि उन्हें वास्तविक जीवन के अनुभवों से जोड़कर उनकी दक्षताओं का विकास किया जाए।
प्रधानाचार्या ममता ऐरी एवं प्रमोदा परीदा ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य विद्यार्थियों में आवश्यक दक्षताओं, जीवन कौशलों, आत्मविश्वास, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। शैक्षणिक भ्रमण बच्चों को अनुभवों के माध्यम से सीखने, अपने निर्णय लेने, दूसरों के साथ समन्वय स्थापित करने और जीवन के महत्वपूर्ण पाठ समझने के साथ-साथ अपने विद्यालय के मित्रों के साथ यादगार समय व्यतीत करने का अवसर भी प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि विद्यालय भविष्य में भी ऐसी गतिविधियों को प्रोत्साहित करता रहेगा, जिनसे विद्यार्थियों का शैक्षणिक ज्ञान समृद्ध हो, उनकी सोच का दायरा विस्तृत हो और वे एक आत्मविश्वासी, सक्षम, संवेदनशील एवं जिम्मेदार नागरिक के रूप में विकसित हों।
अहमदाबाद का यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए सुखद स्मृतियों के साथ-साथ अनेक नई सीख लेकर आया। यह यात्रा इस विचार को सशक्त करती है कि वास्तविक शिक्षा कक्षा की चारदीवारी से आगे बढ़कर जीवन के अनुभवों से सीखने में निहित है।

