बुरे कर्मों के फल से हर कोई डरता है। कब आपके किए गए गलत कामों का हिसाब ऊपर से होने लगे कोई नहीं जानता। ऐसा ही एक रोचक मामला सामने आया है। कुछ लोगों ने पहले मंदिर में चोरी की, फिर करीब एक महीने बाद 1.8 लाख रुपये के चढ़ावे को वापस मंदिर की दान पेटी में डाल दिया।
मामला तिरुपति के नजदीक आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले के बुक्कारायसमुद्रम के मुसालाम्मा मंदिर का है। पुलिस के मुताबिक कुछ अज्ञात चोर मंदिर की हुंडी से चढ़ावे का कीमती सामान और नकद लेकर फरार हो गए। ट्रस्टी की शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की तहकीकात शुरू की। पुलिस अपनी जांच में जुट गई और मंदिर में वापस से नियमित गतिविधियां शुरू हो गईं। करीब एक महीने के बाद अचानक पिछले गुरुवार को चोरों का मन बदल गया और चोरी का सामान वापस मंदिर में लौटा दिया। मंदिर बंद होने के बाद चोर भीतर दाखिल हुए और एक चादर में नोटों की गड्डियों को बांधकर रख छोड़ा। अगली सुबह इस घटना से मंदिर प्रशासन ही नहीं पुलिस भी हैरान रह गई। जिन चोरों को ढूंढ निकालने के लिए वो दिनरात एक कर रही थी, वो खुद ही सारा सामान लौटा गए। पुलिस की मौजूदगी में गिनती की गई तो चादर में करीब 1.8 लाख रुपये निकले। पैसों के साथ चोरों ने एक चिट्ठी भी छोड़ी हुई थी, जिससे पूरा मामला खुल गया। चिट्ठी में चोरों ने अपनी गलती कबूली और साथ ही हैरान करने वाली बातें बताईं। चोरों ने कहा कि मुसलम्मा मंदिर की हुंडी लूटने के बाद से ही उनके बच्चों की तबीयत अचानक से बिगड़ गई है। उन्हें अपनी गलती पर पछतावा हो रहा था। उनका मानना था कि यह बीमारी दैवीय सजा है और चढ़ावे का पैसा वापस कर रहे हैं।
चोर ने मंदिर से उड़ाए 1.8 लाख रुपये, फिर खुद ही लौटाए

